प्रारंभिक प्रतिरोध और मारपीट के बाद भी अभियान जारी
स्थानीय समूह भी उनके साथ रहा
आदिवासी परिषद ने भी समर्थन दिया
बजट का पैसा का हिसाब भी पूछ लिया
राष्ट्रीय खबर
जयपुरः कॉकरोच जनता पार्टी का सात सदस्यीय दल, जिसके सह-संयोजक आशुतोष रांका हैं, ने शनिवार को राजस्थान के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी गांवों का दौरा किया। पार्टी के आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान के तहत किए गए इस दौरे का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और आदिवासी विकास फंड के कथित दुरुपयोग व कम इस्तेमाल पर सवाल उठाना था।
नायगांव तहसील के डेमट, पोंगली और बाबारी गांवों के स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद सीजेपी टीम ने गंभीर आरोप लगाए कि ग्रामीण इलाकों में स्कूलों के लिए जमीन तो चिन्हित हैं, लेकिन वहां कोई पक्का भवन नहीं बनाया गया है। चालू हालत में मौजूद स्कूलों में भी पीने के पानी, बेहतर बुनियादी ढांचे और बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव देखा गया।
स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि उन्हें स्कूलों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और सुविधाओं को सुधारने के लिए खुद अपने पैसों का चंदा जुटाना पड़ रहा है। आदिवासी एकता परिषद के साथ मिलकर सीजेपी ने सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्राइबल एरिया डेवलपमेंट बजट के लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च न होने के कारण लैप्स (व्यर्थ) हो गए हैं, जिस पर पार्टी ने पूरी पारदर्शिता की मांग की है।
सीजेपी ने खाली पड़ी जमीनों पर तुरंत स्कूल भवन बनवाने, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और आदिवासी कल्याण के लिए आए बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा 16 सितंबर को शुरू किए गए इस देशव्यापी अभियान के तहत, राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र (गढ़चिरौली), झारखंड, ओडिशा और गुजरात जैसे राज्यों के आदिवासी स्कूलों की स्थिति का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है।