Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
धनबाद के सिंदरी निवासी तूफान मिश्रा की जर्मनी में संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका पूर्वी सिंहभूम में विकास के दावों की खुली पोल, बीमार टोला प्रधान को खटिया पर 4 KM दूर ले गए ग्रामीण रांची से सटे खूंटी के रीमिक्स फॉल में बड़ा हादसा टला, उफनती नदी में डूबते 2 युवकों की बची जान तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर भड़का झारखंड राजद, बिहार सरकार और सीएम सम्राट चौधरी के कदम को बताया '... Basukinath Mela Admin Inspection Dumka: बासुकीनाथ धाम में दुकानदारों पर नकेल! अतिक्रमण पर जुर्माना, ... जामताड़ा के नाला में 50 एकड़ में होती है काजू की खेती, प्रोसेसिंग प्लांट न होने से औने-पौने दाम में ... JPSC विवाद पर बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर कांग्रेस का करारा पलटवार, ऋषिकेश सिंह बोले—'भ्रष्टाचार भाज... 'सीएम निवास में बैठा है पेपर लीक से जुड़ा अधिकारी', कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का मुख्यमंत्री ... बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे के बाद बीजापुर का दरभा इलाका हुआ भयमुक्त, विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार दक्षिण भारत के राज्यों की तरक्की को आजमा रहा है झारखंड भी

Indore Lokayukta Raid: महिला बाल विकास अधिकारी पर लोकायुक्त का छापा; 9 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में भ्रष्टाचार निरोधक लोकायुक्त टीम ने महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान जो संपत्ति सामने आई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। प्राथमिक जांच में अधिकारी के पास 9 करोड़ रुपए से अधिक की बेनामी संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।

🏢 संपत्तियों का मायाजाल और आलीशान ठिकाना

लोकायुक्त की टीम जब अधिकारी के इंदौर स्थित घर पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर टीम दंग रह गई। तीन मंजिला इमारत के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर कई दुकानें और एक जिम संचालित पाया गया। लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि तीसरे फ्लोर पर स्थित आवास से संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

📉 30 साल की नौकरी और अकूत संपत्ति

लक्ष्मी नारायण कंडवाल पिछले 30 सालों से महिला बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं। वे हाल ही में (5 दिन पहले ही) इंदौर में संयुक्त संचालक के रूप में पदस्थ हुए थे। इससे पहले वे रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लोकायुक्त के अनुसार, इतने वर्षों के सेवाकाल में उनके द्वारा बनाई गई यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक है।

🔍 जांच के घेरे में बैंक खाते और बड़े ट्रांजेक्शन

लोकायुक्त की टीम को छापेमारी के दौरान 13 रजिस्टर्ड टाइटल वाली जमीनें, पीथमपुर के पास कृषि भूमि और कमर्शियल प्लाटों के कागजात मिले हैं। टीम अब उनके सभी बैंक खातों की जांच कर रही है और पिछले कई वर्षों में किए गए बड़े वित्तीय लेनदेन (Transactions) की कुंडली खंगाली जा रही है।