सिक्किम के 50वें राज्य के गठन समारोह के समापन समारोह
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चार हजार करोड़ की योजनाएं चालू
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कांग्रेस ने इस क्षेत्र की अनदेखी की है
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एक भारत, श्रेष्ठ भारत दृष्टिकोण का प्रदर्शन
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अप्रैल को सिक्किम के 50वें राज्य दिवस के समापन समारोह के अवसर पर गंगटोक के पालजोर स्टेडियम से पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अब एक्ट ईस्ट नीति से आगे बढ़कर एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट के संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को भारत की अष्टलक्ष्मी बताते हुए इन्हें समृद्धि और अवसरों का प्रतीक बताया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने सिक्किम के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पर्यटन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सिक्किम विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर और हेलेन लेप्चा मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी पहलों की शुरुआत की गई, जो राज्य में समावेशी विकास को बढ़ावा देंगी।
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सिक्किम की विकास संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवाओं की दशकों तक उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद ही सिक्किम में विकास ने गति पकड़ी है और अब राज्य पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़ने के लिए तैयार है। मोदी ने बेहतर कनेक्टिविटी को पर्यटन के लिए अनिवार्य बताया और बागडोगरा को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे, गंगटोक रिंग रोड और नाथुला की ओर नए मार्ग जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और जैविक कृषि की सराहना करते हुए मोदी ने इसे पूर्व का स्वर्ग बताया। उन्होंने कहा कि सिक्किम का पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण और स्वच्छ हवा पूरे देश के लिए उदाहरण है। सतत विकास के लिए यहां होमस्टे और साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, खेलों के क्षेत्र में फुटबॉल और तीरंदाजी जैसी स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए सुविधाओं में निवेश बढ़ाया जा रहा है।
भाषण का एक मुख्य बिंदु राष्ट्रीय एकता रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कुछ ताकतें देश को भाषा, क्षेत्र और जाति के आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रही हैं, तब सिक्किम एक भारत, श्रेष्ठ भारत और विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण पेश करता है। उन्होंने राज्य के स्वर्ण जयंती समारोह को राष्ट्रीय एकता का प्रतिबिंब बताया और स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक प्रदर्शन की प्रशंसा की।