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वह सिंघम है तो हम भी पुष्पा हैःटीएमसी

योगी के करीबी आईपीएस अजय को बंगाल में मिली चुनौती

  • पुलिस ऑबर्जबर बनाकर भेजे गये हैं

  • उनका एक वीडियो वायरल किया गया

  • टीएमसी ने कहा यूपी नहीं बंगाल है यह

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में मंगलवार को उस समय राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी पर मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप लगाया।

यह विरोध फाल्ता निर्वाचन क्षेत्र में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के आवास और चुनावी कार्यालय के बाहर हुआ। दरअसल, चुनाव आयोग को शिकायत मिली थी कि खान के सहयोगी कथित तौर पर मतदाताओं के पहचान पत्र इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें डरा-धमका रहे हैं।

इसी शिकायत की जांच करने पहुंचे अजय पाल शर्मा, जिन्हें यूपी में उनके सख्त पुलिसिंग अंदाज के कारण सिंघम के नाम से जाना जाता है, ने सख्त चेतावनी दी। एक वायरल वीडियो में शर्मा को खान के परिवार से यह कहते सुना गया, उसे बता देना, अगर उसके लोग धमकाना बंद नहीं करते तो हम उससे ठीक से निपटेंगे… तब रोना या पछताना मत।

इस पर पलटवार करते हुए जहांगीर खान ने फिल्मी अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, यह बंगाल है; अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं। भाजपा द्वारा नियुक्त पुलिस अधिकारियों की किसी भी धमकी या जबरदस्ती को यहाँ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खान ने आरोप लगाया कि एक पुलिस पर्यवेक्षक का काम एसपी या आईसी को सूचित करना है, न कि उम्मीदवार के घर जाकर उनके परिवार को डराना।

राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और अरूप विश्वास ने भी अधिकारी के आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या किसी पर्यवेक्षक को बिना सबूत के देर रात घर जाकर चेतावनी देने का अधिकार है? टीएमसी नेताओं ने इसे भाजपा की मदद करने के लिए किया गया अवैध कृत्य बताया। सपा नेता अखिलेश यादव ने इस अधिकारी को भाजपा का एजेंट बता दिया है जो यूपी के दो इलाकों में अपना काम पूरा करने के  बाद अब बंगाल भेजे गये हैं।