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हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान ने रखीं तीन शर्तें

नई शर्तों पर ट्रंप प्रशासन की सहमति नहीं

  • युद्ध की वजह से वहां नाकाबंदी है

  • पाकिस्तान के जरिए दिया है प्रस्ताव

  • परमाणु हथियार पर वार्ता की गाड़ी फंसी

एजेंसियां

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने के नए प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। हाल ही में ईरान ने अमेरिका के समक्ष एक समझौता पेश किया है, जिसमें वाशिंगटन से ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने और मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त करने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव की खास बात यह है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद के चरण में रखने का सुझाव दिया है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान और पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान यह प्रस्ताव पेश किया था, जिसका उद्देश्य गतिरोध को तोड़ना और बातचीत को फिर से शुरू करना है। हालांकि, द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस प्रस्ताव को लेकर संशय में है। ट्रंप प्रशासन की नाराजगी का मुख्य कारण परमाणु वार्ता को टालने की शर्त है। ट्रंप बार-बार दोहरा चुके हैं कि वे ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ऐसे किसी भी समझौते की संभावना को खारिज कर दिया है जिसमें परमाणु कार्यक्रम शामिल न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता तभी मान्य होगा जब वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से निश्चित रूप से रोके। फिलहाल व्हाइट हाउस ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि युद्ध और परमाणु संवर्धन पर चर्चा जारी रहेगी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि राष्ट्रपति केवल वही समझौता करेंगे जो अमेरिकी जनता और दुनिया के हित में हो।