मणिपुर की शांति फिर से तार तार होने के करीब पहुंची
हाथ पैर बंधे हुए थे शव के
लाश को लेने से इंकार कर दिया
समूचे इलाके में गंभीर तनाव व्याप्त
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 3 अक्टूबर को अपने खेत से अपरहण किए गए 71 वर्षीय कुकी व्यक्ति हेमजंग हाओकिप का शव आज हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए बरामद किया गया। लेइमाखोंग आर्मी हेडक्वार्टर के पास खुंखो कुकी गांव के निवासी हाओकिप को कथित तौर पर सशस्त्र एनएससीएन-आईएम उग्रवादियों ने उनके खेत की झोपड़ी से अगवा कर लिया था और उनकी झोपड़ी को भी जला दिया था।
स्थानीय लोगों, लेइमाखोंग पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाने के बाद, दोपहर करीब ढाई बजे एस. गोलाई क्षेत्र से उनका शव बरामद किया गया। सुबह की तलाशी के दौरान उनके कपड़े मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने खोजी कुत्तों की मदद से तलाशी अभियान तेज कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, शरीर पर गोली के कोई स्पष्ट निशान नहीं हैं और आशंका जताई जा रही है कि उन्हें बांधने के बाद पीट-पीटकर मार डाला गया होगा। हालांकि, मौत के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इससे पहले, खुंखो कुकी विलेज अथॉरिटी ने इस अपहरण की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक वरिष्ठ नागरिक के खिलाफ लक्षित हिंसा बताया था। इस घटना से समुदाय में गहरा रोष फैल गया, जिसके बाद कुकी-जो महिलाओं ने लेइमाखोंग बाजार में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। मृतक की पत्नी ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर बताया कि उनके पति शनिवार को मवेशियों और खेती के काम की देखभाल के लिए खेत गए थे लेकिन वापस नहीं लौटे।
गांव के अधिकारियों ने 4 अक्टूबर तक उनकी सुरक्षित रिहाई की मांग करते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने से पहले ही उनका शव बरामद कर लिया गया। कुकी-जो काउंसिल के पूर्व निर्णय के अनुसार समुदाय ने फिलहाल शव को लेने से इनकार कर दिया है और इसे चुराचांदपुर जिला अस्पताल के शवगृह में रखे जाने की संभावना है। केजेसी का आरोप है कि ये शव उन लोगों के हैं जिन्हें सशस्त्र उग्रवादियों द्वारा मारा गया था। इस वृद्ध किसान की हत्या ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।