अब तो हर गली में जंतर मंतर जैसी स्थिति बनी है
पीपल अगेंस्ट एसआईआर का कार्यक्रम
ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग
लोकतांत्रिक तरीके से बात रखी गयी
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और जाने-माने अर्थशास्त्री पराकाला प्रभाकर ने शनिवार को हैदराबाद में मांग की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को तुरंत रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से बर्खास्त किया जाए। हैदराबाद के टैंक बंड पर पीपल अगेंस्ट एसआईआर द्वारा आयोजित एक मानव-शृंखला विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि विरोध स्थलों पर प्रतिबंध लगाने से लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, हर असहमति रखने वाला दिमाग एक जंतर-मंतर है। उन्होंने चुनाव आयोग को भंग करने और सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने की मांग की।
दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें उन्होंने सत्ता परिवर्तन के खिलाफ चेतावनी दी थी और भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की तुलना नेपाल, बांग्लादेश, अल्बानिया और फ्रांस की घटनाओं से की थी।
सिब्बल ने स्पष्ट किया कि भारत में लोग हिंसा के जरिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को विदेशों जैसी हिंसक घटनाओं के साथ जोड़ना गलत है। सिब्बल ने स्कूल शिक्षा की स्थिति, मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर, बेरोजगारी और युवाओं व विपक्षी नेताओं की नजरबंदी जैसे गंभीर मुद्दों पर आरएसएस प्रमुख की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।