श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट विवाद
सचिव के सभी आरोपों को किया खारिज
सचिव के ऊपर लगे हैं कई आरोप
नई कमेटी नियम से काम कर रही है
कोतवाली पुलिस ने अवैध कब्जा हटाया था
राष्ट्रीय खबर
रांची: श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट के संचालन और प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय वर्मन ने अपने ही ट्रस्ट के सचिव निशांत कुमार सिन्हा द्वारा लगाए गए तमाम गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और गलत करार दिया है। वर्तमान में श्री वर्मन की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में बृजमोहन यादव और शंकर साहू को उपाध्यक्ष तथा दीपक कुमार वर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, इस कार्यकारी समिति में आशीष कुमार गुप्ता, राजीव रंजन प्रसाद, राम कुमार वर्मा, शारदा भूषण उपाध्याय, आलोक गुप्ता और अधिवक्ता हृदयनाथ विश्वकर्मा को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
ट्रस्ट के परिसर में हाल ही में हुए घटनाक्रम और शिकायतों के संदर्भ में अध्यक्ष विजय वर्मन ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर के एक हिस्से में जबरन ताला लगाए जाने की शिकायत मिलने के बाद ट्रस्ट ने तुरंत विधिवत कार्रवाई की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की और पुलिस की देखरेख में ही वहां लगाए गए अवैध ताले को खुलवाया गया।
इसी प्रक्रिया के दौरान, ट्रस्ट के सचिव निशांत कुमार सिन्हा के खिलाफ कोतवाली थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी प्रति भी मीडिया और संबंधित पक्षों के समक्ष प्रस्तुत की गई है। इस दर्ज शिकायत में सचिव के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कोतवाली थाना में दर्ज कराए गए पत्र के हवाले से अध्यक्ष ने बताया कि ट्रस्ट के सचिव पर आम जनता और श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यक्रमों या कमरों की बुकिंग के नाम पर पैसे लेने और उन्हें ट्रस्ट के आधिकारिक बैंक खाते में जमा न करने की गंभीर शिकायतें मिली हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, लगभग आठ लाख रुपये से अधिक की राशि का कोई वित्तीय हिसाब-किताब नहीं मिल पा रहा है।
ट्रस्ट के कामकाज के सुचारू संचालन में आई बाधाओं का जिक्र करते हुए श्री वर्मन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान कुप्रबंधन के कारण बिजली बिल और अन्य सरकारी करों का भुगतान लंबे समय से लंबित हो गया था, जिसे अब नई कमेटी धीरे-धीरे व्यवस्थित और चुकता कर रही है।
अध्यक्ष ने इस आरोप का भी कड़ा प्रतिवाद किया कि वर्तमान कमेटी पैसों का हिसाब नहीं रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी के अधिकृत बैंक खाते में हर बुकिंग की राशि समय पर और नियमानुसार जमा की जाती है, और यह सब कमेटी द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत ही किया जाता है।
अंत में अध्यक्ष विजय वर्मन ने विश्वास दिलाया कि नई कमेटी इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को पूरी तरह व्यवस्थित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाले समय में यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतर सुविधा केंद्र और आदर्श धार्मिक स्थल के रूप में अपनी प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त कर सके।