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सोनिया ने रिटायरमेंट का संकेत साफ साफ दिया

  • पार्टी अध्यक्ष को मनोनयन का अधिकार

  • पार्टी संविधान में कई परिवर्तन किये गये

  • विपक्षी एकता के प्रयास पर भी बैठक में चर्चा

राष्ट्रीय खबर

रायपुर: कांग्रेस पार्टी के 85वें अधिवेशन के पहले दिन स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी का चुनाव नहीं होगा। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को उहउ के सदस्यों को नॉमिनेट करने का अधिकार सर्वसम्मति से दिया गया है।

इस बैठक में गांधी परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं होने का निहितार्थ भी सामने आ गया है। वह चाहते थे कि पार्टी में श्री खडगे स्वतंत्र तौर पर सारे फैसले लें। वरना इससे पहले भाजपा इसी बात पर लगातार आरोप लगाती आ रही थी।

यह अलग बात है कि भारत जोड़ो यात्रा समाप्त करने के बाद पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का राजनीतिक कद काफी ऊंचा उठ गया है। यह उनकी हर बात को गंभीरता से लिया जा रहा है।

उनके पुराने बयानों के आधार पर कोरोना और अडाणी के शेयरों को लेकर उनकी पूर्व चेतावनी को भी याद किया गया है। जिनका पहले मजाक उड़ाया गया था। इस बीच पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महंगाई, बेरोजगारी और अडानी मसले को लेकर केंद्र पर तंज कसा।

इस बार बैठक में सीडब्ल्यूसी पर फैसला लेने का अधिकार पार्टी के अध्यक्ष को दिये जाने के बाद अगले दिन श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कार्यक्रम में शामिल हुए। कांग्रेस के 85वें अधिवेशन में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजनीति से रिटायरमेंट का इशारा कर दिया।

सोनिया ने शनिवार को अपने संबोधन में कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ ही उनकी राजनीतिक पारी अब अंतिम पड़ाव पर है। सोनिया ने पहली बार पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी संभालने से लेकर अब तक आए उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- 1998 में जब मैं पहली बार पार्टी अध्यक्ष बनी तब से लेकर आज तक यानी पिछले 25 सालों में बहुत कुछ अच्छा और कुछ बुरा अनुभव भी रहा।

2004 और 2009 में पार्टी का परफॉर्मेंस हो या फिर मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का मेरा निर्णय। यह व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए संतोषजनक रहा। इसके लिए पार्टी कार्यकतार्ओं का मुझे पूरा सहयोग मिला। जिस बात से मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि है, वह ये कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ अब मेरी पारी समाप्त हो सकती है। ये पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

इस बार की बैठक में पार्टी ने सीडब्ल्यूसी के चयन का अधिकार पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ने के साथ साथ पार्टी संविधान में भी कुछ बदलाव किये हैं। उसके मुताबिक अनूसूचित जाति, आदिवासी, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के लिए एआईसीसी डेलीगेट्स और सभी पदों पर 50 फीसदी पद आरक्षित होंगे।

50 फीसदी पदों में 50 साल से कम के लोगों की भागीदारी होगी। आगामी 1 जनवरी 2025 से कांग्रेस में अब पेपर मेंबरशिप नहीं होगी, सिर्फ डिजिटल मेंबरशिप होगी। कांग्रेस के फार्म में थर्ड जेंडर की चर्चा होगी, अब फार्म में मां और पत्नी का नाम भी लिखा जाएगा।

ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर जहां भी कांग्रेस के चुने हुए सदस्य हैं, वे सभी डेलीगेट्स होंगे। सदस्यतता से सशक्तिकरण की ओर अब 6 पीसीसी डेलिगेट्स मेंबर पर एक एआईसीसी का मेंबर चुना जाएगा। अभी तक 8 पर चुना जाता था। इस कारण एआईसीसी में सदस्यों की संख्या 1240 से बढ़कर 1643 हो जाएगी।

सोनिया के रिटायरमेंट के सवाल पर कांग्रेस के ज्यादातर नेता सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। दिग्विजय सिंह बोले उन्होंने जो कुछ कहा आपके सामने कहा है। संचार प्रमुख जयराम रमेश और छत्तीसगढ़ की प्रभारी महासचिव शैलजा कुमारी ने कहा सोनिया गांधी का हाथ हमारे सिर पर हमेशा रहेगा।

इससे पहले शुक्रवार को स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें यह फैसला हुआ कि कांग्रेस कार्यसमिति के चुनाव नहीं होंगे। बैठक में शामिल सदस्यों ने आम सहमति से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इसका सदस्य चुनने का अधिकार दिया।

इधर, पार्टी के अधिवेशन में 2024 लोकसभा चुनाव में यूनाइटेड विपक्ष को लेकर भी बात हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए पूरे विपक्ष को एक मंच पर आना होगा।

विपक्षी पार्टियों को थर्ड फ्रंट से बचना चाहिए। इस तरह का निर्णय उल्टे भाजपा को ही मजबूत करता है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश में नफरत का माहौल है। स

रकार रेल, जेल, तेल सब कुछ अपने मित्रों को बेच रही है। दिल्ली सरकार में बैठे लोगों का डीएनए गरीब विरोधी है। सोनिया गांधी ने कहा कि, राहुल गांधी ने मुश्किल यात्रा को पूरा किया। देश और कांग्रेस के लिए ये चुनौती का वक्त है। राहुल आखिरी दिन, यानी रविवार को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस यूपीए गठबंधन में भाजपा विरोधी और दलों को शामिल करने को तैयार: खड़गे

रायपुर: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा हैं कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनावों से पूर्व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(यूपीए) में भाजपा एवं संघ के खिलाफ लड़ने को तैयार और दलों को शामिल करने को तैयार हैं।

श्री खड़गे ने आज यहां पार्टी के 85वें राष्ट्रीय अधिवेशन में निवर्तमान पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि 2004 से 2014 के बीच कई दलों के यूपीए गठबंधन ने केन्द्र में सरकार चलाई और बेहद कामयाब रही लेकिन एक रणनीति के तहत बेहद ईमानदार प्रधानमंत्री डा,मनमोहन सिंह को बदनाम किया गया।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में प्रजातंत्र को नष्ट करने का षडयंत्र हो रहा है और साम्प्रदायिक सदभाव को खत्म कर देश को तोड़ने की कोशिश हो रही है। इस हालात से निपटने के लिए सभी को मिलकर मुकाबला करना होगा।

मोदी सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी),आयकर,सीबीआई और अन्य केन्द्रीय एजेन्सियों को अपने राजनीतिक विरोधियों से निपटने और चुनी हुई राज्य सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए श्री खड़गे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अधिवेशन से पूर्व ईडी की इसकी व्यवस्था में जुड़े पार्टी के लोगो के यहां छापे की कार्रवाई हो या फिर दिल्ली विमानतल की घटना,यह सब डराने की कोशिश है। उन्होने कहा कि इसके खिलाफ डटकर लड़ना होगा,अगर लड़ते रहेंगे तो जरूर कामयाब होंगे।