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मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक

पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार सतर्क

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उपजे वैश्विक तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (1 मार्च, 2026) रात सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक प्रधानमंत्री के राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे से लौटने के तुरंत बाद रात लगभग 9:30 बजे आयोजित की गई। सीसीएस भारत की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख जनरल अनिल चौहान मौजूद थे।

सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। वर्तमान में पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है, जिससे दुबई और दोहा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर सैकड़ों भारतीय यात्री फंसे हुए हैं। सरकार इन नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक मार्गों और कूटनीतिक चैनलों पर विचार कर रही है।

सुरक्षा बैठक में ईरानी अधिकारियों द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से उत्पन्न स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह मार्ग भारतीय तेल टैंकरों के लिए एक जीवनरेखा है, और इसके बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें से 10,000 ईरान में और 40,000 इजरायल में हैं। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र के सभी मिशनों को अलर्ट पर रखा है और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए हैं।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने 86 वर्षीय खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि की है, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरानियों के लिए अपना देश वापस पाने का सबसे बड़ा अवसर बताया। ट्रंप ने संकेत दिया कि यह बमबारी पूरे सप्ताह या आवश्यकतानुसार जारी रह सकती है।

जवाब में ईरान ने इजरायल और दुबई सहित खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। भारत के भीतर भी इस घटना का असर देखा गया, जहाँ रविवार को शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश और दुख व्यक्त किया।