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दुनिया के सबसे बड़े जीवंत ज्वालामुखी अब कहर दिखाने लगी

हवाईः यहां के माओना लोवा ज्वालामुखी अब खतरनाक बन चुकी है। पिछले चालीस वर्षों से सक्रिय रहने के बाद यह अंततः लावा उगलने लगी है। दरअसल इस पहाड़ पर कई छेद होने की वजह से अलग अलग इलाकों में लावा का प्रवाह हो रहा है। इसका नतीजा है कि वहां के एक मौसम केंद्र को आनन फानन में खाली करना पड़ा है, जिसके काफी पास तक लावा पहुंच चुका है। अब देखा जा रहा है कि इस द्वीप के कई मुख्य मार्गों की तरफ भी यह लावा प्रवाह आहिस्ता आहिस्ता बढ़ रहा है। यूएसजीएस ने इसके बारे में चेतावनी संकेत जारी कर दिया है।

दरअसल वहां के सैडल मार्ग से करीब 3.6 मील की दूरी पर ज्वालामुखी का तीसरा मुंह खुल गया है। इसके पहले ही इस ज्वालामुखी में दो छेद हो चुके थे। इसके अलावा पूरे द्वीप पर अब इसी ज्वालामुखी से निकलने वाले राख ने लोगों को दूसरे तरीके से परेशान कर रखा है। दरअसल यह राख भी आम राख जैसा नहीं होता और जल्दी सफाई नहीं किये जाने की स्थिति में यह गर्म राख जहां गिरता है, वहीं जमकर ठोस हो जाता है। इसलिए उसकी नियमित सफाई करना अलग किस्म की चुनौती बनी हुई है। इस पर नजर रखने वाले वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह जो तीसरा छेद पहाड़ पर बना है, अभी उसी से सबसे अधिक लावा निकल रहे है।

दूसरी तरफ इसकी नजरदारी करने वालों ने माना है कि पहाड़ पर एक चौथा छेद भी बनने को तैयार है, जो धीरे धीरे उभर रहा है और कभी भी अंदर से फट सकता है। लोगों ने रात के अंधेरे में लावा प्रवाह को आसमान में करीब अस्सी फीट तक उछलते भी देखा है। दूर दूर तक लावा प्रवाह का यह दृश्य काफी दूरी से साफ साफ नजर आ रहा है। अंतिम सूचना के मुताबिक यह लावा प्रवाह यहां के मुख्य राजमार्ग की तरफ धीमी गति से आगे बढ़ रहा । इस कारण माना गया है कि इसके राजमार्ग तक पहुंचने में दो दिन का समय लगेगा। जमीन के नीचे से आते भूकंप के झटकों से यह साफ है कि जमीन के गर्भ में अभी और लावा मौजूद है जो इन छेदों से बाहर आ रहा है। राजमार्ग की तरफ आते लावा की वजह से प्रशासनिक अधिकारी वैकल्पिक मार्ग का तरीका तलाश रहे हैं वरना पूर्व और पश्चिम के बीच का संपर्क ही बंद हो जाएगा।