Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Shivhar Fire News: बिहार के शिवहर में गैस सिलेंडर विस्फोट; 8 घर राख, 6 लोग झुलसे, 2 की हालत गंभीर Jaipur Resort Accident: चंदवाजी में निर्माणाधीन रिसॉर्ट की दीवार गिरी, 3 मजदूरों की मौत; कई घायल Delhi CPA Scam: सरकारी अस्पतालों में 650 करोड़ का घोटाला; AAP का रेखा सरकार पर बड़ा हमला Maharashtra Assembly: NEET और TET पेपर लीक पर विधानसभा में हंगामा; विजय वडेट्टीवार ने सरकार को घेरा Ketan Agrawal Murder Case: मर्डर मिस्ट्री में कैब ड्राइवर का बड़ा खुलासा; कार के अंदर हुआ था हाई-वोल्... Ketan Agrawal Murder Case: मर्डर मिस्ट्री में कैब ड्राइवर का बड़ा खुलासा; कार के अंदर हुआ था हाई-वोल्... पुंछ: LoC पर सुरक्षाबलों की मुस्तैदी, बालाकोट सेक्टर से पकड़ा गया पाकिस्तानी घुसपैठिया Mumbai Moharram Poison Case: जहरीली गोलियां बांटने वाले फैयाज प्रेमजी की करतूत; AI से ली थी जहर की ज... Iran-US Tensions: होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव; समझौते के बाद भी आमने-सामने आए ईरान और अमेरिका Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई से शुरू होगी बाबा बर्फानी की यात्रा; जानें अमरनाथ गुफा का रहस्य और महत्...

के कविता ने अपनी नई पार्टी का एलान किया

लंबे समय तक पार्टी से अलग किये जाने के बाद फैसला

  • इस नाम का रणनीतिक महत्व कायम

  • भावुक संबोधन और अधूरे सपने की चर्चा

  • बीआरएस और भाजपा पर प्रहार किया

राष्ट्रीय खबर

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की पुत्री और पूर्व विधान परिषद सदस्य के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की। उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी नई पार्टी तेलंगाना राष्ट्र सेना (टीआरएस) के गठन की घोषणा की। यह घटनाक्रम कविता के लिए राजनीतिक पुनर्वास जैसा है, जिन्हें उनके पिता की पार्टी, भारत राष्ट्र समिति से पार्टी विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया गया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के लिए ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना‘ नाम का चयन बेहद सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि बीआरएस का पुराना नाम ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ था, जिसे राष्ट्रीय विस्तार की महत्वाकांक्षा के तहत केसीआर ने बदल दिया था। कविता ने उसी पुराने नाम की भावनाओं को फिर से जगाने की कोशिश की है, जो सीधे तौर पर अलग राज्य के आंदोलन से जुड़ा हुआ था।

हैदराबाद में पार्टी के झंडे का अनावरण करते हुए के. कविता काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि तेलंगाना राज्य के गठन को 12 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन जिन तीन स्तंभों— नीलू, निधुलु और नियमाकुलु (पानी, धन और नौकरियां)— पर राज्य आंदोलन की नींव रखी गई थी, वे आज भी अधूरे हैं। कविता ने आरोप लगाया कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारें युवाओं को रोजगार देने और किसानों के कल्याण में विफल रही हैं।

अपनी नई पार्टी के विजन को स्पष्ट करते हुए कविता ने बीआरएस और भाजपा दोनों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में विपक्ष की भूमिका पूरी तरह विफल रही है। कविता ने बीआरएस पर कटाक्ष करते हुए कहा, वह क्षेत्रीय पार्टी अगले 1,000 सालों में भी अपने काम करने के तरीके नहीं बदलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के, शासन को सीधे जनता के दरवाजे तक ले जाएगी।

के. कविता की नई पार्टी का मुख्य एजेंडा समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता है। उन्होंने संकल्प लिया कि टीआरएस उन स्थानीय आकांक्षाओं को स्वर देगी जिन्हें मुख्यधारा की राजनीति में हाशिए पर धकेल दिया गया है। राज्य में विधानसभा चुनावों के निकट आते हुए, कविता का यह कदम तेलंगाना के सियासी समीकरणों को त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय बना सकता है, जिससे बीआरएस और कांग्रेस दोनों के वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना है।