Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम लागू
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के फ्यूल बचाने के आह्वान पर कदम उठाते हुए कुछ कैटेगरी के मामलों के लिए जरूरी वर्चुअल सुनवाई, जजों के लिए कार-पूलिंग और रजिस्ट्री स्टाफ के लिए वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) की व्यवस्था समेत कई तत्काल प्रशासनिक उपाय शुरू किए हैं। शुक्रवार को जारी एक सर्कुलर में, सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भरत पाराशर ने कहा कि ये कदम पश्चिम एशिया संकट के बाद पैदा हुए ईंधन संकट को देखते हुए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग के ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार लागू किए जा रहे हैं।
💻 वर्चुअल सुनवाई पर जोर: सोमवार और शुक्रवार को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
नये सर्कुलर के अनुसार, सोमवार और शुक्रवार सहित मिसलेनियस दिनों (Miscellaneous Days) में लिस्टेड सभी मामले अब अगले आदेश तक सिर्फ वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुने जाएंगे। कोर्ट के आंशिक कार्य दिवसों के दौरान भी यही व्यवस्था रहेगी। सर्कुलर में रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग लिंक का समय पर सर्कुलेशन सुनिश्चित करें और सुनवाई के दौरान जजों को निर्बाध कार्यवाही के लिए तत्काल टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराएं।
🚗 जजों की कार-पूलिंग और स्टाफ के लिए WFH: रजिस्ट्री का 50% अमला घर से करेगा काम
सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ईंधन बचाने के उद्देश्य से आपस में कार-पूलिंग अरेंजमेंट को बढ़ावा देने के लिए “एकमत से” फैसला किया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने रजिस्ट्री की हर ब्रांच या सेक्शन में 50 प्रतिशत तक स्टाफ को हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा दो दिन घर से काम करने की इजाजत दी है। हालांकि, सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि बिना रुकावट काम सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त स्टाफ को ऑफिस में भौतिक रूप से मौजूद रहना अनिवार्य होगा।
📅 रजिस्ट्रारों को साप्ताहिक रोस्टर बनाने के निर्देश: काम की गति बनाए रखना प्राथमिकता
रजिस्ट्रारों को पहले से साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि व्यवस्था सुचारू रहे। जो कर्मचारी रिमोटली यानी घर से काम कर रहे हैं, उन्हें टेलीफोन पर हमेशा उपलब्ध रहना होगा और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय कार्यालय आने के लिए तैयार रहना होगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का काम दिया गया है कि सभी आवंटित कार्य समय पर पूरे हों और वर्क-फ्रॉम-होम की सुविधा केवल वहीं दी जाए जहाँ काम की प्रकृति इसे व्यावहारिक बनाती हो।
🏛️ प्रशासनिक लचीलापन: जरूरत पड़ने पर बदले जा सकते हैं नियम
सर्कुलर में रजिस्ट्री अधिकारियों को वर्क-फ्रॉम-होम अरेंजमेंट को कम करने या बदलने की फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) भी दी गई है। यदि किसी खास ब्रांच में काम का दबाव अधिक है या प्रकृति ऐसी है कि वहां WFH संभव नहीं है, तो रजिस्ट्रार तत्काल कर्मचारियों को कार्यालय बुला सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम न केवल ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल है, बल्कि संकट के समय आधुनिक तकनीक के माध्यम से न्यायपालिका को सुचारू रूप से चलाने का एक बेहतर उदाहरण भी है।