नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सातवीं गिरफ्तारी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने नीट-यूजी-2026 पेपर लीक मामले की जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब जांचकर्ताओं का मुख्य ध्यान परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े भीतरी व्यक्तियों की भूमिका पर केंद्रित हो गया है। इसी कड़ी में पुणे से एक और संदिग्ध की गिरफ्तारी हुई है, जबकि लातूर से एक सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या सात हो गई है। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, जांच दल अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि क्या पेपर लीक की शुरुआत उस उच्च-सुरक्षा वाली कोर चेन के भीतर से हुई थी, जिसके पास परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी।
पुणे के सुखसागर नगर इलाके से मनीषा वाघमारे नामक एक ब्यूटी पार्लर संचालिका को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह धनंजय नामक व्यक्ति के लिए बिचौलिए का काम कर रही थी। धनंजय पहले ही पुणे से गिरफ्तार किया जा चुका है और एक कंसल्टेंसी चलाता था। अब तक सात आरोपियों में से तीन जयपुर से, एक गुरुग्राम से और नासिक व अहिल्या नगर से एक-एक व्यक्ति को पकड़ा गया है।
सीबीआई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से उन सभी हितधारकों की सूची और विवरण मांगा है, जिनकी पहुंच सील होने से पहले प्रश्नपत्रों तक थी। इसमें शामिल हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल के सदस्य। विषय विशेषज्ञ और प्रोफेसर। प्रश्नपत्रों की छपाई और सीलिंग प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी।
इसी बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार देर रात दिल्ली में उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोबारा आयोजित होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करना था। नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। सीबीआई की जांच अब उस कड़ी को खोजने पर टिकी है जहां से सुरक्षा में सेंध लगी, ताकि भविष्य में इस तरह की धांधली को पूरी तरह से रोका जा सके।