Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
राज्यसभा चुनाव में तेज हुआ जोड़ घटाव का खेल Solar Power Plant in Sitapur: रक्षा भूमि पर देश का पहला बड़ा सोलर प्रोजेक्ट; राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी Yamuna O-Zone Delhi: यमुना किनारे रहने वालों को बड़ी राहत; बीजेपी सांसदों ने कहा- 'पुरानी बस्तियों पर... PM Modi Historic Record: पीएम मोदी बने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री; नेहरू का रिकॉ... INDIA Alliance Meeting: गठबंधन का पीएम चेहरा तय करने की मांग; संजय राउत बोले- 'अगर मोदी बन सकते हैं ... Bihar Industrial Policy: बिहार में उद्योग लगाना हुआ आसान; 30 दिनों में नहीं मिली मंजूरी तो आवेदन होग... MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द; मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर BJP की जीत प... Baghpat Crime News: बागपत में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग; टेंट व्यवसायी के पिता-पुत्र की हत्या, इला... Jaipur Fire Accident: जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, कई गंभीर Delhi Weather Alert: दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम; 11 जून को 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बा...

नागा और कुकी समुदायों के 28 बंधक रिहा

मणिपुर में तनाव कम करने की दिशा में एक पहल

  • दोनों पक्षों से 14-14 लोग छूटे

  • दो जिला में बंधक बनाये गये थे

  • सरकार की पहल पर बात बन गयी

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः मणिपुर में जारी तनाव के बीच आज सुबह तड़के नागा और कुकी समुदायों के 28 बंधकों को रिहा कर दिया गया, जिससे दोनों समुदायों के बीच बढ़ते संघर्ष में कुछ समय के लिए शांति आई है। कांगपोकपी और सेनापति जिलों में बंधक बनाए गए नागा और कुकी नागरिकों को जिला नागरिक समाज संगठनों और सुरक्षा अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद तड़के सुरक्षित रिहा कराया गया। इससे पहले कल शाम दोनों पक्षों के ने बंधकों की रिहाई के लिए अल्टीमेटम जारी किया था।

रिपोर्टों के अनुसार, लीलोन वैफेई द्वारा बंधक बनाई गई कोंशाखुल की 12 महिलाओं को आज सुबह माखन में रिहा कर दिया गया। कोंशाखुल के कुल 18 बंधकों में से अब तक केवल इन 12 महिलाओं को ही छोड़ा गया है। इसके अलावा, सपरमीना इलाके में हिरासत में लिए गए दो सेलेशियन ब्रदर्स (चर्च से जुड़े सदस्य) को भी आज सुबह रिहा कर दिया गया।

वहीं सेनापति जिले में, यूनाइटेड नागा काउंसिल और जिला सीएसओ की पहल पर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से कुल 16 लोगों को राहत मिली। इसमें सिंगडा बांध के पास इरेंग लियांगमाई गांव में रोके गए 4 महिलाओं और 2 पुरुषों के साथ-साथ सेनापति में हिरासत में लिए गए 2 पुरुषों और 6 महिलाओं को रिहा किया गया। इससे पहले कल, नागा विलेज गार्ड द्वारा 2 अन्य लोगों को भी छोड़ा गया था। नागा संगठनों का कहना है कि सेनापति में और भी बंधक हो सकते हैं, जबकि लीलोन वैफेई गांव में हिरासत में लिए गए शेष 6 पुरुष ग्रामीणों का पता अभी नहीं चल पाया है; उन्हें भी सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

इन नागरिकों को नागा और कुकी समूहों ने सेनापति और कांगपोकपी में तब अगवा किया था, जब 13 मई को कांगपोकपी जिले में तीन थाडौ (Thadou) चर्च नेताओं की हत्या कर दी गई थी। यह हमला कांगपोकपी जिले के कोत्ज़िम और कोटलेन गांवों के बीच सुबह करीब 10:25 बजे हुआ, जब थाडौ बैपटिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों को ले जा रहे काफिले पर संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। चर्च के नेता चुराचाँदपुर में एक सम्मेलन में शामिल होने के बाद कांगपोकपी लौट रहे थे। मृतकों में मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव और प्रमुख टीबीए नेता रेवरेंड वी. सितल्हौ भी शामिल थे।

चर्च नेताओं की मौत से पहाड़ी जिलों में हड़कंप मच गया है और नागरिक समाज संगठनों, चर्च निकायों तथा छात्र समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इस हमले ने पहले से ही अशांत क्षेत्र में तनाव को काफी बढ़ा दिया है, जिसके चलते मणिपुर सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। यह घटना मुख्यमंत्री के 15 मई को चुराचाँदपुर के प्रस्तावित दौरे से ठीक दो दिन पहले हुई है, जिसने राजनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से मामले को और संवेदनशील बना दिया है।