चुनाव आयोग मामले पर सुनवाई स्थगित
सभी याचिकादाताओँ का पक्ष सुना
आरोप है कि एकतरफा फैसला हुआ
अदालत ने कहा हर बात देख लेंगे
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई आज स्थगित कर दी। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग द्वारा बीते दिन दाखिल किए गए जवाबी हलफनामे (काउंटर-एफिडेविट) पर अपना प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) दाखिल करने के लिए 10 दिनों का समय प्रदान किया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागछी और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली याचिकाओं के बैच पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित निर्णयों सहित भारतीय चुनाव आयोग के कई निर्णय अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना, एकतरफा तरीके से लिए गए थे।
संक्षिप्त सुनवाई के दौरान, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा दायर याचिका की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से फाइलों के नोटिंग्स और आंतरिक संचार (इंटरनल कम्युनिकेशंस) को सुरक्षित रखने का आदेश पारित करने का अनुरोध किया।
सिंघवी ने तर्क दिया कि यह तय करने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे या एकतरफा थे। सिंघवी ने जोर देते हुए कहा, यह पूरा मुद्दा निर्णय लेने की प्रक्रिया, परामर्श, और इस बात पर निर्भर करता है कि निर्णय सर्वसम्मत था या नहीं। इसलिए फाइल नोटिंग्स आदि को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए उत्तर दिया, हम सब कुछ जानते हैं, हम इसकी समीक्षा करेंगे। वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन द्वारा दायर रिट याचिका की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मेनका गुरुस्वामी ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग का अपना हलफनामा ही याचिकाकर्ताओं द्वारा दिए गए तर्कों की पुष्टि करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 के साथ छेड़छाड़ की है और यहां तक कि एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की, जिसमें दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे अपनी मंजूरी दे दी है।
चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मनिंदर सिंह ने इन दावों का खंडन करते हुए इसे अदालत के बाहर के लिए बनाया गया केवल एक भाषणबाजी करार दिया। इसके अलावा, मुख्य याचिकाकर्ता राकेश सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने रिजॉइंडर दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए पीठ ने इसे अनंतिम रूप से 17 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया है।