Breaking News in Hindi

किसी वोटर पर नहीं चलेगा कोई मुकदमा

फॉर्म छह पर मचे बवाल के बीच शीर्ष अदालत का भरोसा

पुणे के अस्थायी प्रवास का मुद्दा उठा

हजारों लोग अनुपस्थित बताये गये हैं

अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आश्वासन दिया है कि महाराष्ट्र मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हटाए गए किसी भी मतदाता पर फॉर्म 6 जमा करने के लिए मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। शीर्ष अदालत 5 नवंबर को इस मतदाता विलोपन को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया गया कि मुंबई और पुणे में पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण हजारों मतदाताओं को अनुपस्थित के रूप में चिह्नित कर दिया गया था। याचिकाकर्ता अरुण अनंतगिरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने तर्क दिया कि पुराने आवासीय भवनों में निर्माण कार्य चलने की वजह से निवासियों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित होना पड़ा है। ऐसे हजारों लोगों को एसआईआर प्रक्रिया में अनुपस्थित बताकर उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुंबई में ऐसी 3,500 और पुणे में 1,500 पुनर्विकास परियोजनाएं चल रही हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता दातार ने अदालत का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि हटाए गए मतदाताओं को ‘फॉर्म 6’ (नए मतदाता के रूप में पंजीकरण का आवेदन) जमा करने और खुद को नए मतदाता के रूप में दर्शाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से पंजीकृत मतदाताओं द्वारा खुद को नया मतदाता बताना एक अपराध की श्रेणी में आता है, जिससे उन पर कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।

इस चिंता पर मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा, चिंता न करें। किसी पर भी मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। इसके साथ ही एडवोकेट दातार ने सुझाव दिया कि एसआईआर के तहत हटाए गए मतदाताओं के लिए विशेष रूप से एक नया फॉर्म अधिसूचित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 26 अक्टूबर प्रारूप मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि है, इसलिए मामले में जल्द सुनवाई की आवश्यकता है।