लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा की जीत से नाराज
डोनाल्ड ट्रंप के घोर विरोधी है सिल्वा
बोलसोनारो उनके पसंदीदा प्रत्याशी थे
समय सीमा बढ़ाने को भी गलत माना
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए उसे धांधली से भरा और बेहद भ्रष्ट करार दिया है। यह बयान उन्होंने वाशिंगटन से एक चुनावी रैली के लिए रवाना होते समय दिया, जब मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने ट्रंप के दक्षिणपंथी सहयोगी फ़्लेवियो बोलसोनारो को हरा दिया।
ट्रंप ने मतगणना प्रक्रिया और देश भर में मतदान के समय को आखिरी समय में बढ़ाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ईमानदारी से कहूं तो यह एक और धांधली वाला चुनाव लग रहा था। दुनिया के लिए यह बहुत ही खराब दृश्य था। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका इस परिणाम पर कोई कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई और कहा कि उनका ध्यान अपने देश के घरेलू राजनीति पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, मैं ब्राजील के लिए चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, मैं अमेरिका के लिए लड़ रहा हूं। मैं लूला को पसंद करता हूं और उनके साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे हैं, लेकिन मतदान के समय को बढ़ाकर जिस तरह से आंकड़े तैयार किए गए, वह मुझे सही नहीं लगा।
ट्रंप ने अपनी अनियमितताओं की आशंकाओं को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिया। उनके बयान 45 वर्षीय सीनेटर और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के बेटे, फ़्लेवियो बोलसोनारो द्वारा रन-ऑफ परिणामों को रद्द करने की मांग के बाद आए हैं।
रविवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोनों उम्मीदवारों के अनुरोध पर मतदान का समय दो घंटे बढ़ाने का आदेश दिया गया था। लूला ने नौ राज्यों में बस परिवहन समस्याओं के कारण और बोलसोनारो ने दक्षिणी ब्राजील में भारी बारिश के कारण अतिरिक्त समय मांगा था। इस फैसले के कारण कई मतदान केंद्रों पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
फ़्लेवियो बोलसोनारो द्वारा चुनाव परिणाम रद्द करने की मांग उनके पिता जायर बोलसोनारो के पिछले चुनावी प्रयासों से मेल खाती है। गौरतलब है कि जायर बोलसोनारो को चुनाव परिणाम पलटने के लिए समर्थकों द्वारा सरकारी इमारतों पर हमले की साजिश रचने का दोषी ठहराया जा चुका है।
लैटिन अमेरिका में अपनी राजनीतिक जीत का श्रेय लेने वाले डोनाल्ड ट्रंप के लिए लूला की यह जीत एक कूटनीतिक झटका मानी जा रही है, क्योंकि लूला सरकार का पहले भी व्यापार और सुरक्षा मुद्दों पर वाशिंगटन के साथ टकराव रहा है।