कूनो नेशनल पार्क की घटना से सरकार में सनसनी
पहली बार ऐसी घटना हुई है
शरीर से पांच छर्रे बरामद हुए
सरकार ने जांच दल गठित किया
राष्ट्रीय खबर
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जंगल से गंभीर हालत में रेस्क्यू किए गए 19 महीने के नर चीते की इलाज के दौरान मौत हो गई। चीते के शरीर से बंदूक की गोलियों के पांच छर्रे बरामद किए गए हैं, जिसके बाद राज्य सरकार ने मौत के कारणों की जांच के लिए एक एसटीएफ का गठन किया है। केएनजी 22 के रूप में पहचाने गए इस चीते को श्योपुर प्रादेशिक वन मंडल में घायल पाए जाने के बाद रविवार रात रेस्क्यू कर इलाज के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था, लेकिन मंगलवार तड़के उसने दम तोड़ दिया।
मृत चीता कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता निर्वा का 19 महीने का नर शावक था। शुरुआती एक्स-रे में चीते के शरीर में कई बाहरी धातु की वस्तुएं धंसी मिली थीं। इसके बाद उसे विस्तृत जांच और सघन इलाज के लिए जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया गया। वहां सीटी स्कैन में खुलासा हुआ कि छर्रों से चीते के आंतरिक अंगों, तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) और मांसपेशियों को भारी नुकसान पहुंचा था। आपातकालीन सर्जरी कर शरीर से छर्रों को निकाला गया, लेकिन पशुचिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
चीते को लगी चोटों और उसकी मौत की परिस्थितियों की गहन जांच के लिए राज्य सरकार ने वन और पुलिस अधिकारियों को मिलाकर एक एसटीएफ टीम बनाई है। इस दुखद घटना के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या घटकर 58 रह गई है। वर्तमान में मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 52, गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में 4 और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते मौजूद हैं।