Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गोलाबारी और घुसपैठ का दौर खत्म, अब पर्यटन की नई पहचान बन रहे जम्मू-कश्मीर के LoC से सटे सीमावर्ती गा... Kinner Kailash Yatra 2026 Registration Date: किन्नर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से शुरू! ऑनलाइन रजिस्ट्रेश... हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं के 'पेपर लीक' पर छिड़ा सियासी संग्राम, AAP नेता अनुराग ढांडा ने बीजेपी क... भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में फिर गरमाई सियासत, परिजनों ने प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरो... जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी के खिलाफ बने आपत्तिजनक वीडियो पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, सोश... जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद देश की सियासत में बड़ा बदलाव, Gen Z को साधने में जुटे PM मोदी और ... इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, मकर द्वार पर NDA सांसदों ने लगाए 'प्रधान जिंदाबाद' के न... PoK में भारी तनाव और हिंसा के बीच 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव शुरू, 3 चरणों में होगी वोटिंग बिहार बंद के दौरान सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की लड़ाई तेज, असली संगठन बताने को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट

Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क को बड़ा झटका; चीतों की निगरानी करने वाले विशेष डॉग की मौत, जांच शुरू

श्योपुर: मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क, जो अपनी चीता पुनर्स्थापना परियोजना के लिए विश्वभर में चर्चा में रहता है, एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला किसी चीते की मौत का नहीं, बल्कि चीतों की निगरानी के लिए तैनात विशेष रूप से प्रशिक्षित जर्मन शेफर्ड डॉग की मौत का है। शुक्रवार को वन विभाग ने इस घटना की पुष्टि की है, जिसने परियोजना के प्रबंधन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

🐕 चीता परियोजना का था महत्वपूर्ण हिस्सा

यह डॉग कूनो की सुरक्षा और चीतों की ट्रैकिंग में एक महत्वपूर्ण संसाधन था। इसे वर्ष 2022 में हरियाणा के पंचकूला में विशेष प्रशिक्षण देने के बाद कूनो लाया गया था। परियोजना के तहत इस पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें अकेले इसके प्रशिक्षण पर 2 लाख रुपये से अधिक की लागत आई थी। इसकी जिम्मेदारी जंगल में चीतों की हरकतों पर बारीक नजर रखना और वन विभाग को सचेत करना था।

🔍 मौत का कारण: हार्ट अटैक या वाहन दुर्घटना?

प्रशिक्षित डॉग की अचानक हुई मौत ने कूनो की सुरक्षा निगरानी व्यवस्था को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। मौत के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं:

  • प्रारंभिक अनुमान: वन विभाग के अधिकारी इसे ‘हार्ट अटैक’ का मामला मान रहे हैं।

  • अन्य चर्चाएं: कुछ सूत्रों का दावा है कि डॉग की मौत किसी वाहन की चपेट में आने से हुई है।

📋 पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है इंतजार

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ और डिप्टी डायरेक्टर आर. थिरुकुरल ने बताया कि बुधवार शाम डॉग की मृत्यु हुई थी। गुरुवार को उसका पोस्टमार्टम संपन्न हो गया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा। अब वन विभाग को उस रिपोर्ट का इंतजार है, जो तय करेगी कि यह एक प्राकृतिक मृत्यु थी या किसी बड़ी चूक का परिणाम।