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Rewa News: रीवा में उपयंत्री का अनोखा विरोध; विभाग से मांगी भीख मांगने की अनुमति, 10 महीने से नहीं मिला जीवन निर्वाह भत्ता

रीवा: रीवा संभाग के मऊगंज नगर परिषद में पदस्थ रहे निलंबित उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह ने अब विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। आर्थिक तंगी से परेशान उपयंत्री ने नगरीय प्रशासन के संभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर उनसे ‘भीख मांगने की अनुमति’ मांगी है। उनका कहना है कि यदि उनके जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान नहीं हुआ, तो वे कार्यालय के बाहर बैठकर कटोरा लेकर भीख मांगना शुरू कर देंगे।

📋 सीएम हेल्पलाइन से जुड़ा है मामला

निलंबित उपयंत्री का आरोप है कि लगभग 10 महीने पहले सीएम हेल्पलाइन में दर्ज एक शिकायत के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया था। यह शिकायत नगर परिषद हनुमना में नाली निर्माण कार्य से संबंधित थी। उपयंत्री का दावा है कि जिस समय निर्माण कार्य हुआ, वे मऊगंज या हनुमना में पदस्थ ही नहीं थे, बल्कि संयुक्त संचालक कार्यालय रीवा में कार्यरत थे। इसके बावजूद उन्हें बलि का बकरा बनाकर निलंबित कर दिया गया।

⚖️ हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप

राजेश प्रताप सिंह का आरोप है कि निलंबन के इतने समय बाद भी उन्हें न तो आरोप पत्र (Charge Sheet) दिया गया और न ही विभागीय अधिकारियों ने उनके पक्ष को सुना। उन्होंने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट से 2 महीने पूर्व जीवन निर्वाह भत्ता जारी करने के आदेश मिल चुके हैं, लेकिन विभाग अब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास परिवार चलाने के लिए भीख मांगने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।

🏢 प्रशासन का पक्ष: ‘नियमों के अनुसार होगी कार्रवाई’

नगरीय प्रशासन के संभागीय अधिकारी हिमांशु भट्ट ने कहा, “राजेश प्रताप सिंह का पत्र हमें प्राप्त हुआ है। हम इसे शासन को भेजकर आगे की कार्रवाई करेंगे। 90 दिन तक चार्जशीट न मिलने पर निलंबन स्वतः समाप्त हो जाता है, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें हनुमना पदस्थ किया था, लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया।” अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस विवाद का कोई समाधान निकालती है या उपयंत्री को वास्तव में अपने विरोध के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।