पत्नी और प्रेम को अदालत ने दोषी माना
पूरे देश में इसकी चर्चा हुई थी
दोषियों को बाद में सजा सुनायेगी
अवैध संबंधों के साथ अपराध की साजिश
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः उत्तर प्रदेश के चर्चित और सनसनीखेज मेरठ ब्लू ड्रम मर्डर केस में अदालत ने एक बहुत बड़ा और अहम फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को हत्या का दोषी करार दिया है। इस बहुचर्चित मामले ने अपनी वीभत्सता और साजिश के तरीके के कारण पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अदालत के इस फैसले से न्याय की उम्मीद कर रहे पीड़ित परिवार को एक बड़ी राहत मिली है, साथ ही यह मामला अवैध संबंधों और आपराधिक षड्यंत्र के खौफनाक अंजाम का एक और बड़ा उदाहरण बन गया है।
यह सनसनीखेज मामला तब प्रकाश में आया था जब पुलिस ने एक नीले रंग के प्लास्टिक के ड्रम के भीतर से एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत और रहस्यमय परिस्थितियों में शव बरामद किया था। शुरुआती जांच में जब पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की परतों को टटोलना शुरू किया, तो मामले की जो सच्चाई सामने आई उसने जांच अधिकारियों और आम जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया। पुलिस की गहन तफ्तीश और साक्ष्यों के संकलन से यह साबित हुआ कि इस जघन्य हत्याकांड को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि मृतक की अपनी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अत्यंत सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अवैध संबंधों के रास्ते में आ रही बाधाओं को दूर करने और अपने रास्ते का कांटा हमेशा के लिए हटाने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को रचा था। दोनों ने मिलकर न केवल बेरहमी से इस कत्ल को अंजाम दिया, बल्कि सबूतों को मिटाने और कानून की नजरों से बचने के लिए शव को एक नीले ड्रम के अंदर छिपाकर ठिकाने लगाने की नापाक कोशिश भी की थी।
अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य, कॉल डिटेल्स, परिस्थितिजन्य सबूत और गवाहों के बयान पेश किए। इन अकाट्य सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को इस जघन्य अपराध का दोषी ठहराया। इस फैसले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कितनी भी चालाकी से आपराधिक षड्यंत्र क्यों न रचा जाए, कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं। अब अदालत द्वारा दोषियों की सजा पर अंतिम मुहर लगाई जानी बाकी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।