दुनिया में पहली बार ड्रोन का नया इस्तेमाल दिखा
कीवः यूक्रेनी सेना की एक ब्रिगेड ने सोमवार को बताया कि उसने अग्रिम पंक्ति (फ्रंट लाइन) से एक घायल सैनिक को हवाई ड्रोन के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला है। ब्रिगेड ने इस बचाव अभियान को अपनी तरह का दुनिया का पहला मामला बताया है।
सेना की ब्रिगेड ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें ड्रोन को जमीन पर उतरते देखा जा सकता है। इसके बाद सैन्य गियर पहने एक सैनिक खुद को ड्रोन पर लगी चरखी से बांधता है और ड्रोन उसे ऊपर उठा लेता है। हालांकि, ब्रिगेड ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बचाव अभियान किस स्थान पर चलाया गया था।
देखें वह वीडियो
यूक्रेन की 92वीं सेपरेट असॉल्ट ब्रिगेड की ड्रोन यूनिट ने फेसबुक पर साझा किया, यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा – घायल सैनिक को बचा लिया गया है! अब उसका इलाज और पुनर्वास चल रहा है, तथा उसकी जान खतरे से बाहर है। ड्रोन निर्माता कंपनी गुरज़ुफ डिफेंस ने बताया कि यह सैनिक करीब डेढ़ साल से एक बेहद खतरनाक युद्धक स्थिति में तैनात था और पारंपरिक साधनों से उसे बचाना संभव नहीं था। कंपनी ने कहा, उस तक पहुँचने के किसी भी प्रयास का मतलब बचाव दल के लिए जानलेवा जोखिम होता।
कंपनी ने आगे बताया कि आयुदाग-6 हेक्साकोप्टर ड्रोन घायल सैनिक को सुरक्षित स्थान पर ले आया, जहाँ उसके साथियों ने उसका स्वागत किया और उसे आगे अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। यूक्रेन लंबे समय से युद्ध के मैदान से घायल सैनिकों को निकालने के लिए मानवरहित ज़मीनी वाहनों (UGVs) का इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन हवाई ड्रोन के ज़रिए किसी इंसान को रेस्क्यू करने की यह पहली रिपोर्ट की गई घटना है। 92वीं असॉल्ट ब्रिगेड की ड्रोन यूनिट ने इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को दुनिया का पहला कारनामा करार दिया है।
फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से शुरू हुए साढ़े चार साल से अधिक लंबे इस युद्ध में दोनों देशों ने ड्रोन का व्यापक उपयोग किया है। दोनों पक्षों द्वारा बड़े पैमाने पर लड़ाकू ड्रोन के इस्तेमाल ने युद्धक्षेत्र को उस स्थिति में ला खड़ा किया है जिसे सैन्य विश्लेषक किल ज़ोन कहते हैं, जहाँ फिलहाल किसी भी पक्ष को स्पष्ट बढ़त हासिल नहीं है।