विस्फोट से एक की मौत आग पर काबू पाया
आस पास के घरों की खिड़कियां टूटी
घायलों की स्थिति और राहत कार्य
तीन बजे से पहले आग पर काबू पाया
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के कोकर हाइड्रोक्रेकर यूनिट में हुए एक भीषण धमाके के कारण एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया और आठ अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं। रिफाइनरी परिसर से पूर्वाह्न के समय एक तेज धमाके की आवाज सुनी गई, जिसके तुरंत बाद वहां भयानक आग भड़क उठी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। इस विस्फोट की तीव्रता इतनी भयंकर थी कि इसके झटके से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे तक टूटकर चकनाचूर हो गए।
पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान मुल्की के रहने वाले 30 वर्षीय अनुबंध कर्मचारी मनीष करखेरा के रूप में की है। कमिश्नर ने जानकारी दी कि उनका शव पूरी तरह झुलसी हुई अवस्था में बरामद किया गया। आग बुझाने के लिए न्यू मैंगलोर पोर्ट अथॉरिटी और दमकल एवं आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जिन्होंने एमआरपीएल के अपने दमकलकर्मियों के साथ मिलकर स्थिति पर काबू पाया। एमआरपीएल के अनुसार, दोपहर 2:47 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया था।
इस हादसे में घायल हुए राजेश बैपटिस्ट नामक दूसरे व्यक्ति को लगभग 35 प्रतिशत तक जलने के बाद इलाज के लिए तुरंत श्रीनिवासा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, वह खतरे से बाहर हैं और आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा, यूनिट के पास स्थित एक अन्य कार्यालय में काम कर रहे आठ अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें ओपीडी में प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई।
पुलिस कमिश्नर ने अपने बयान में बताया कि यह विस्फोट एमआरपीएल के हाइड्रो सल्फर ट्रीटमेंट यूनिट में हुआ था, जिसे अब पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, रिफाइनरी परिसर में स्थित किसी बॉयलर के फटने से यह भीषण धमाका हुआ और भारी धुआं फैल गया।
जोकट्टे और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित इमारतों, जिनमें ग्राम पंचायत भवन भी शामिल है, में तेज कंपन और झटके महसूस किए गए। धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि मंगलाुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इसकी आवाज स्पष्ट रूप से सुनी गई, जिससे प्रशासनिक कार्यालय की खिड़कियों के कांच थरथरा उठे।
हालांकि, हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि हालांकि धमाके का प्रभाव जरूर महसूस हुआ, लेकिन बुनियादी ढांचे और कांच की खिड़कियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अंगारागुंडी, बैकामपाडी, कुलाई और अन्य आसपास के रिहायशी इलाकों के लोगों ने भी इस जोरदार धमाके और उसके कारण हुए कंपन की पुष्टि की है।