रबी फसलों के लिए नया एमएसपी घोषित
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए आगामी रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत प्रमुख रबी फसल गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे नया एमएसपी बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे पिछले सत्र में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दरों की घोषणा करते हुए जानकारी दी कि वर्तमान में गेहूं की कुल उत्पादन लागत लगभग 1,264 रुपये प्रति क्विंटल आती है, जिसके मुकाबले सरकार द्वारा तय किया गया यह नया एमएसपी लागत के दोगुने से भी अधिक है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। कैबिनेट ने अन्य रबी फसलों के समर्थन मूल्य में भी इजाफा कियै है। जौ का समर्थन मूल्य 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। चना का एमएसपी 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। मसूर का समर्थन मूल्य 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। सरसों का तिलहन श्रेणी की इस फसल का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। कुसुम का नया एमएसपी 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
सरकारी अनुमान के अनुसार, 2027-28 के विपणन सीजन के दौरान लगभग 324 लाख टन रबी फसलों की खरीद की जाएगी, जिसके एवज में किसानों को कुल 90,962 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया जाएगा। इन मूल्यों का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। इसके साथ ही कृषि मंत्रालय ने 2026-27 के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में किसानों को राहत देने के अलावा दो अन्य बड़े नीतिगत फैसले भी लिए गए है। नवीकरणीय ऊर्जा को पावर ग्रिड से जोड़ने और सुगम ट्रांसमिशन के लिए एक नए स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम को मंजूरी। राष्ट्रीय राजधानी में यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्णय।