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एक महीने में 37 फीसद तक बढ़े चावल के दाम

तमिलनाडु के मुख्य भोजन को लेकर घर का बजट बिगड़ा

सभी किस्म के चावलों के दाम बढ़े

खुदरा व्यापारी भी इस स्थिति से चिंतित

जनवरी के बाद ही सुधार होने की उम्मीद

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: कच्चा चावल, उबला पोन्नी, इडली और बासमती चावल की खुदरा कीमतों में महज एक महीने के भीतर 10 फीसद से लेकर 37 फीसद तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चेन्नई और पूरे तमिलनाडु में कई लोकप्रिय ब्रांडों की भारी किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को रसोई के बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ रहा है। खुदरा व्यापारियों का कहना है कि सितंबर की तुलना में प्रति किलो औसत कीमत में लगभग 11 रुपये का इजाफा हुआ है और आगामी त्योहारों के सीजन में यह तेजी बनी रहने की आशंका है।

सितंबर में 61 रुपये प्रति किलो बिकने वाला कृष्णा ब्रांड उबला पोन्नी चावल अक्टूबर के अंत में उछलकर 79 का हो गया। एप्पल ब्रांड का कच्चा चावल 58 से बढ़कर 71 रुपये प्रति किलो पहुंच गया, जबकि बासमती चावल की एक किस्म की कीमत 60 से सीधे 97 रुपये प्रति किलो हो गई। खुदरा विक्रेताओं ने बताया कि आपूर्ति में आ रही बाधाओं ने इस महंगाई को और बढ़ा दिया है, जिससे कई प्रमुख ब्रांड सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हैं। सैदापेट के एक विक्रेता थिरुकुमरन ने बताया कि अगस्त महीने से ही चावल की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है।

थिरुकुमरन ने चेतावनी देते हुए कहा, थोक बाजार में शिवाजी ब्रांड ने 26 किलो के बोरे की आपूर्ति बंद कर दी है और केवल 5 किलो के छोटे पैक सीमित संख्या में दे रहा है। इसके अलावा एजेंटों द्वारा की जा रही थोक खरीदारी से भी बाजार में कमी पैदा हो रही है, जिससे आगामी त्योहारों में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इडली चावल 37 से बढ़कर 46 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि एमआरएन कच्चा चावल 73 से 78 हो गया है। उबले पोन्नी चावल की श्रेणियों में बुलेट 73 से 87, शिवाजी 73 से ₹84 और एसएलएम 64 से बढ़कर 73 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

कोयम्बेडु बाजार के थोक व्यापारी एस. वादिवेलु ने बताया कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में सन्ना रागम किस्म का उत्पादन कम होने के कारण यह संकट खड़ा हुआ है। किसानों ने कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों का रुख किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी के बाद ही स्थितियां सामान्य हो पाएंगी।