राजरत्नम स्टेडियम में आयोजित विरोध प्रदर्शन में स्पष्ट बयान
शीर्ष अदालत के बयान पर टिप्पणी
13 करोड़ वोट काटे और वह चुप रहे
तमिलनाडू में भी 74 लाख नाम काटे
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः यहां के राजरत्नम स्टेडियम में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान द्रमुक सांसद कनिमोझी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखा हमला बोला। सर्वोच्च न्यायालय पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कनिमोझी ने कहा कि न्याय की उम्मीद रखने के बावजूद अधिकारी और अदालतें सब कुछ नुकसान हो जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने संशोधित फॉर्म 6 की घोषणा पर शीर्ष अदालत की उस हालिया टिप्पणी का संदर्भ दिया, जिसमें अदालत ने कहा था कि उसने पुराने एसआईआर डेटा से मिलान वाले नए नियमों को मंजूरी नहीं दी थी।
कनिमोझी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के एसआईआर अभियान के कारण देशभर में लगभग 13 करोड़ और तमिलनाडु में ही 74 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में नियमों के मुताबिक केवल 20,000 नाम हटाए जाने थे, लेकिन बड़े पैमाने पर हेरफेर करते हुए लाखों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित कर दिया गया। उन्होंने यह भी उजागर किया कि पार्टी नेता एम.के. स्टालिन के निर्वाचन क्षेत्र कोलाथुर में ही एक लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
भाजपा और भारत निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी यही तरीका अपनाया जा रहा है, जहां अधिकारियों की पसंद के आधार पर नाम हटाए जा रहे हैं। इसके अलावा, कनिमोझी ने चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया को एक औपचारिकता करार दिया, क्योंकि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बहुमत के कारण विपक्ष के नेता की राय को दरकिनार कर दिया जाता है। उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में युवाओं की भागीदारी की सराहना की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व एसआईआर को पूरी तरह वापस लेने की मांग की।