पश्चिम बंगाल भाजपा में अब दरारें नजर आने लगी है
दोनों के बयान से निष्कर्ष निकला
शुभेंदु के आचरण पर अधिक नाराजगी
फालतू दिखावे पर अधिक खर्च क्यों
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य भाजपा के बीच का तालमेल अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। वामपंथी पुस्तक स्टालों पर हमलों से लेकर ईडन गार्डन्स में आयोजित बहु-करोड़ रुपये के महालया कार्यक्रम तक के मुद्दों पर शुभेंदु के बयानों ने पार्टी के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, चोरबागान दुर्गा पूजा में भगदड़ की घटना में अधिकारी के भतीजे की भूमिका पर राज्य पार्टी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य सहित भाजपा सहयोगियों ने सूक्ष्म आलोचना की। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मलाल जताते हुए कहा, शुभेंदु मुख्यमंत्री के बजाय विपक्ष के नेता जैसा व्यवहार कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया कोलकाता दौरे के दौरान एक राज्य स्तर के नेता ने संकेत दिया कि शुभेंदु का ध्यान सांगठनिक काम से ज्यादा शासन पर केंद्रित है। जवाब में, नितिन नवीन ने कथित तौर पर यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी पार्टी से ऊपर नहीं है, जो यह संकेत देता है कि सरकार या संगठन में अपनी स्थिति की परवाह किए बिना कोई भी नेता पार्टी लाइन से अलग नहीं जा सकता। ईडन गार्डन्स में 167 करोड़ रुपये के उमा आगमनी भव्य कार्यक्रम ने भी पार्टी के भीतर विवाद खड़ा किया। सूत्रों ने बताया कि एक वरिष्ठ भाजपा मंत्री इस भारी खर्च से विशेष रूप से नाराज थे और उन्होंने पूछा कि इतने बड़े खर्च की क्या आवश्यकता थी।
पार्टी के भीतर यह मतभेद तब और खुलकर सामने आया जब मुख्यमंत्री ने वामपंथी पुस्तक स्टालों पर हाल ही में हुए हमलों और तोड़फोड़ का सार्वजनिक रूप से बचाव किया। इससे पहले राज्य के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने पुस्तक स्टालों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि इससे उनका सिर शर्म से झुक गया है। वहीं, राज्य भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य और प्रवक्ता चार्ल्स नंदी ने भी इस तोड़फोड़ की सख्त शब्दों में निंदा की थी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने सोमवार को सार्वजनिक रूप से इस घटना का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल की धरती पर राष्ट्रविरोधी या सनातन विरोधी लेखन और किसी भी धर्म को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।