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जर्मनी के गृह मंत्री के फ्रांस पर दिये बयान से राजनीतिक गरम

वहां के दंगों के ले वामपंथी और प्रवासी जिम्मेदारः डोब्रिंड्ट

स्कूली हिंसा अब नियंत्रण से बाहर

अनेक इलाकों में आगजनी और लूट

काफी पुलिसवाले भी घायल हुए हैं

बर्लिनः जर्मन गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने सोमवार को फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और दंगों के लिए वामपंथी चरमपंथियों और प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया। रढ़िवादी विचारधारा से ताल्लुक रखने वाले डोब्रिंड्ट ने जर्मनी के अख़बार बिल्ड से बातचीत में कहा, जो कोई भी यह स्पष्ट रूप से समझने में विफल रहता है कि वामपंथी चरमपंथी और प्रवासी समुदाय सड़कों पर एक साथ आकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक संयुक्त लड़ाई लड़ रहे हैं, वह स्थिति को समझने में पूरी तरह से नाकाम रहा है।

शिक्षकों की कमी और स्कूलों की जर्जर हालत से नाराज छात्रों द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शनों के कारण फ्रांस पिछले कई हफ्तों से हलकान है। फ्रांसीसी पुलिस पर इन प्रदर्शनों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने के आरोप लगे हैं। इसके बाद से समाज के अन्य वर्ग भी इन प्रदर्शनों में शामिल हो गए हैं, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। सप्ताहांत में फ्रांस में बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान दंगे और लूटपाट की घटनाएं हुईं, जिसके बाद प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगाने की घोषणा करनी पड़ी। फ्रांसीसी सरकार ने इन दंगों के लिए वामपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर प्रवासियों पर कोई आरोप नहीं लगाया है।

अधिकारियों का कहना है कि दंगों के बाद युवा पुरुषों के समूह उपनगरों से दुकानों में लूटपाट करने के इरादे से शहरों में आए।

बड़े शहरों के उपनगरीय इलाके, जिन्हें फ्रांसीसी भाषा में बैनलीव्स कहा जाता है, व्यापक गरीबी के लिए जाने जाते हैं और यहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी आबादी निवास करती है।

जर्मन मंत्री ने फ्रांस की सड़कों पर हुई इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की। डोब्रिंड्ट ने कहा, जो लोग सड़कों को युद्ध के मैदान में बदल देते हैं, पुलिस अधिकारियों पर हमले करते हैं और टाउन हॉल में आग लगा देते हैं, वे बेहतर शिक्षा के लिए प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे हमारे स्वतंत्र समाज और हमारी जीवनशैली के खिलाफ एक सशस्त्र लड़ाई लड़ रहे हैं।