Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में भारतीय नुकसान पर साफ साफ बोले प्रसिद्ध कीव पेचेर्स्क लावरा मठ में भी आग लगी बी 52 बॉम्बर दुर्घटना में आठ लोगों की मौत एडुआर्डो बोल्सोनारो की चार साल की जेल ईरान अमेरिका समझौते पर इजरायल का पेंच फंसा है मंगल पर जीवन की नई खोज का अभियान जारी रहेगा, देखें वीडियो मोदी सरकार के समक्ष गठबंधन धर्म की नई चुनौती Defence Production: भारत के रक्षा उत्पादन ने छुई नई ऊंचाई; 1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... Political Shift in India: INDIA गठबंधन को बड़ा झटका; टीएमसी और शिवसेना (UBT) में टूट के बाद NDA हुआ औ...

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका; 7 बागी सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में, कल हो सकते हैं शामिल

मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) एक बार फिर बड़ी टूट की कगार पर खड़ी है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव गुट के सात सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। यह राजनीतिक घटनाक्रम शिवसेना के स्थापना दिवस (19 जून) से ठीक पहले सामने आया है, जिससे ठाकरे परिवार के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। ये बागी सांसद 21 जून तक एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

⏳ शिंदे की बढ़ती सक्रियता और दांव-पेच

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पिछले 24 घंटों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कैबिनेट बैठक में भी उनकी जल्दबाजी देखी गई थी। हालांकि जयपुर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की खबरों का खंडन किया गया है, लेकिन दिल्ली में बागी सांसदों की मौजूदगी और शिंदे के साथ संभावित बैठक यह संकेत दे रही है कि उद्धव गुट का एक बड़ा हिस्सा जल्द ही पाला बदलने वाला है।

👥 ये 7 सांसद हैं बागी खेमे में

सूत्रों के मुताबिक, जिन सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने का मन बना लिया है, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • ओमराजे निंबालकर, नागेश पाटील आष्टीकर, संजय उत्तमराव देशमुख, संजय (बंडू) जाधव, संजय दीना पाटिल, राजाभाऊ (पराग) प्रकाश वाजे और भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे। बता दें कि उद्धव ठाकरे के पास कुल 9 सांसद हैं, जिनमें से 7 के बागी होने की खबर है। यदि ऐसा होता है, तो उद्धव गुट के पास केवल 2 सांसद ही शेष बचेंगे।

💬 “जिन्हें जाना है, वे जा सकते हैं” – उद्धव

14 जून को मातोश्री में हुई बैठक में उद्धव ठाकरे ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे किसी को रोकेंगे नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जिन सांसदों को पार्टी छोड़नी है, वे जा सकते हैं। उस बैठक में भी इन सांसदों की अनुपस्थिति ने भविष्य के बड़े बदलाव के संकेत दे दिए थे। 60 साल की होने जा रही शिवसेना के लिए यह स्थापना दिवस अब अस्तित्व और एकजुटता की बड़ी परीक्षा बन गया है।