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छह नागा नागरिकों की हत्या का मामला इतने दिनों बाद सुलझा

संयुक्त अभियान में एक दंपती को गिरफ्तार किया गया

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः मणिपुर पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार को एक दंपती को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर एक महीने से अधिक समय पहले छह लियांगमई नागा नागरिकों की बेरहमी से हत्या करने में शामिल होने का आरोप है।  पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रदीप और उसकी पत्नी अयिंगबी (उर्फ मंगैह) को तड़के कुकी बाहुल्य कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई गांव से गिरफ्तार किया गया। यह दंपती इसी गांव का निवासी है, जो राज्य की राजधानी इंफाल से उत्तर-पश्चिम में लगभग 30 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है।

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा, पीड़ितों के परिवारों ने इन आरोपियों की पहचान की थी। इसके साथ ही, इनके इस अपराध में शामिल होने की पुष्टि एनआईए द्वारा जुटाए गए पुख्ता सबूतों से भी हुई है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने मौके पर तलाशी और जब्ती की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, और आगे की कानूनी औपचारिकताएं जारी हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि छह नागा नागरिकों के अपहरण के चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर, इस जघन्य अपराध में शामिल अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

यह मामला एक महीने पहले भड़की नस्लीय हिंसा और अपहरण से जुड़ा हुआ है। 13 मई को अज्ञात बंदूकधारियों ने कांगपोकपी जिले में थाडौ समुदाय के तीन चर्च नेताओं पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद भड़की जवाबी कार्रवाई में कुल 48 लोगों का अपहरण कर लिया गया था, जिनमें 28 कुकी और 20 नागा नागरिक शामिल थे। इन 20 नागा नागरिकों में से 18 को इसी लेइलोन वैफेई गांव से अगवा किया गया था। (ज्ञात हो कि थाडौ समुदाय के लोग कुकी समूह के साथ अपनी जातीय संबद्धता को लेकर आपस में बंटे हुए हैं।)

13 मई को ही सुरक्षा बलों की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच बंधकों की अदला-बदली का एक समझौता हुआ। इसके तहत कुकी अपहर्ताओं ने 14 नागा नागरिकों को रिहा कर दिया, जबकि नागा अपहर्ताओं ने भी 14 कुकी नागरिकों को छोड़ दिया। रिहा किए गए नागाओं में लेइलोन वैफेई से अगवा किए गए 12 लोग भी शामिल थे।

इसके बाद विभिन्न चर्च संगठनों की अपीलों और लापता छह नागा नागरिकों की सुरक्षित वापसी व पहचान सुनिश्चित करने के सरकारी आश्वासन के बाद, नागा गुटों ने 9 जून को शेष बचे सभी 14 कुकी बंधकों को सुरक्षित रिहा कर दिया। हालांकि, इसके अगले ही दिन यानी 10 जून को सुरक्षाकर्मियों ने कांगपोकपी जिले से लापता उन छह नागा नागरिकों के क्षत-विक्षत शव बरामद किए।

इन छह नागा नागरिकों के शव मिलने के बाद नागा बहुल सेनापति जिले में भारी जनआक्रोश और हिंसा भड़क गई थी। मणिपुर में नागाओं की शीर्ष संस्था यूनाइटेड नागा काउंसिल ने इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया था। गौरतलब है कि एनआईए ने 13 मई को तीन चर्च नेताओं की हत्या के संबंध में मणिपुर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले को पहले ही दोबारा दर्ज कर अपनी जांच के दायरे में ले लिया था।