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राष्ट्रपति के पुत्र के खिलाफ जांच को मंजूरी

ब्राजील की शीर्ष अदालत के जज ने आदेश जारी किया

फैबियो के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें हैं

अपने प्रभाव के गलत इस्तेमाल का आरोप

लूला ने कहा है वह हस्तक्षेप नहीं करेंगे

एजेंसियां

ब्रासिलियाः ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के बेटे, फैबियो लुइस लूला डा सिल्वा, जिन्हें लुलिन्हा के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ जांच शुरू करने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय संघीय पुलिस द्वारा दायर उस आवेदन के बाद आया है, जिसमें लुलिन्हा पर स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सौदे में एक लॉबिस्ट, एंटोनियो कार्लोस कैमिलो एंट्यून्स की मदद करने और प्रभाव के दुरुपयोग (इन्फ्लुएंस पेडलिंग) व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जांच का एक मुख्य बिंदु यह है कि क्या लुलिन्हा ने कैनबिडिओल-आधारित दवाओं से संबंधित सरकारी अनुबंध प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों तक एंट्यून्स की पहुंच सुनिश्चित करने में भूमिका निभाई थी। हालांकि, फैबियो लुइस के वकीलों या एंट्यून्स के प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति लूला ने गुरुवार को एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि उनके बेटे की जांच किसी भी अन्य सामान्य नागरिक की तरह होगी। लूला ने जोर देकर कहा कि वे जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे और न ही अपने पद का उपयोग अपने बेटे को बचाने के लिए करेंगे। लूला ने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून सबके लिए समान है।

गौरतलब है कि फैबियो लुइस के खिलाफ यह पहली जांच नहीं है। इससे पहले इस साल, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आंद्रे मेंडोंका ने संघीय पुलिस को नेशनल सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट के पेंशन फंड से जुड़ी कथित अनियमितताओं में लुलिन्हा की संलिप्तता की जांच करने की अनुमति दी थी, जिसमें भी एंट्यून्स का नाम सामने आया था। फरवरी में एक साक्षात्कार के दौरान, राष्ट्रपति लूला ने कहा था कि उन्होंने इस मामले पर अपने बेटे से सीधे बात की है और उन्हें सलाह दी है कि यदि उन्होंने कुछ गलत किया है, तो उन्हें उसकी सजा भुगतनी होगी, और यदि नहीं, तो उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा। फिलहाल, इस नई जांच की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जानी बाकी है।