ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के बीच वहां का उल्लेख
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माओरी संस्कृति का खास उल्लेख किया
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प्रवासियों की भूमिका की सराहना की
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दस प्रमुख मुद्दों पर हुआ है समझौता
एजेंसियां
ऑकलैंडः यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को परिभाषित करने के लिए माओरी अवधारणा वाका का आह्वान किया। इससे पहले दिन में, भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में आए इस नए उछाल को रेखांकित करने के लिए शनिवार को पीएम मोदी ने वाका शब्द का सहारा लिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देशों के लिए अवसरों से भरा एक खुला महासागर मौजूद है, क्योंकि भारत तेजी से बदलते एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है।
ऑकलैंड के स्पार्क एरिना में उमड़े 12,000 से अधिक भारतीयों के बीच पीएम मोदी ने कहा कि वाका शब्द भारत-न्यूजीलैंड संबंधों की भावना को पूरी तरह से दर्शाता है। 40 वर्षों में न्यूजीलैंड का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी ने कहा, सदियों से, एक शब्द यहां लोगों को एक साथ लाता रहा है… वह है वाका। वाका केवल एक डोंगी का नाम नहीं है; यह हमारी साझा यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा, आज, भारत और न्यूजीलैंड का यह वाका एक नई यात्रा पर निकलने के लिए तैयार है। हमारे सामने अवसरों से भरा एक खुला महासागर है।
माओरी लोग न्यूजीलैंड के मूल निवासी हैं। संस्कृति में वाका का अर्थ एक नाव से कहीं बढ़कर, साझा यात्रा, एकता और सहयोग का प्रतीक है। इसके जरिए पीएम मोदी यह संदेश देना चाहते थे कि दोनों देश सहयोग के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। न्यूजीलैंड पर भारतीय प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे वहां की सड़कों और जगहों के नाम भारत से जुड़े हैं, जैसे—खंडाला, बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट और अमृतसर स्ट्रीट।
प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में मजबूत भारतीय प्रवासियों की भूमिका की भी सराहना की, जहां कई भारतीय महत्वपूर्ण पदों पर हैं। उन्होंने निखिल रविशंकर (सीईओ, एयर न्यूजीलैंड), आनंद सत्यानंद (पूर्व गवर्नर-जनरल) और न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल जैसे खिलाड़ियों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
इससे पहले, पीएम मोदी और उनके समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सम ने दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी में तब्दील करते हुए 10 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस साल हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद, दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को दोगुना कर 35,000 करोड़ रुपये करने का संकल्प लिया। रक्षा क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा पर सहमति बनी। साथ ही, दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच एक पारस्परिक रसद सहायता समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा आतंकवाद विरोधी, आपदा प्रबंधन, डेयरी फार्मिंग और पर्यटन पर एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर भी सहमति बनी।