Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lashkar Terrorist Hair Transplant: लश्कर आतंकी ने श्रीनगर में कराया हेयर ट्रांसप्लांट, NIA की पूछताछ... Tvisha Sharma Case: 'मैं फंस गई हूं यार...', पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा की आखिरी चैट लीक, पति की जम... MP Fake Doctor Arrest: दमोह में बड़ा खुलासा, संजीवनी अस्पतालों में फर्जी MBBS डिग्री पर नौकरी कर रहे... Haryana IPS Transfer: हरियाणा पुलिस में बड़ा फेरबदल, 20 IPS और HPS अधिकारियों के तबादले; सिबाश कबिरा... Anil Kumble Son: अनिल कुंबले के बेटे मायस ने पूरा किया 3 साल की उम्र का वादा, अमेरिका से बने इंजीनिय... Karuppu Box Office Collection Day 3: बॉक्स ऑफिस पर सूर्या का तूफान, 3 दिन में 'करुप्पु' ने पार किया ... Share Market Crash: बाजार खुलते ही चंद सेकंड में डूबे ₹4.46 लाख करोड़, सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी... YouTube Update 2026: यूट्यूब कंटेंट आईडी की तरह चेहरों को स्कैन करेगा नया एआई टूल, जानें यह कैसे काम... Copper Bottle Mistakes: कॉपर की बोतल में पानी पीते समय न करें ये 3 बड़ी गलतियां, फायदे की जगह होगा भ... Gurugram Worldmark Mall Suicide: सीए पति की जासूसी से परेशान महिला एग्जिक्यूटिव ने मॉल की 5वीं मंजिल...

ईरानी विदेश मंत्री रास्ते से ही वापस लौटे

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा रद्द होते बदला समीकरण

एजेंसियां

इस्लामाबादः ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ओमान की संक्षिप्त यात्रा के बाद रविवार, 26 अप्रैल 2026 को पुनः पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद लौट आए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों और ईरानी मीडिया के अनुसार, इस क्षेत्रीय दौरे का मुख्य उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का उपयोग करना है।

अर्ध-आधिकारिक फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अरागची ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को लिखित संदेश भेजे हैं, जिनमें तेहरान की अंतिम सीमा को स्पष्ट किया गया है। इन संदेशों में परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि संदेशों का यह आदान-प्रदान प्रत्यक्ष वार्ता का हिस्सा नहीं है, बल्कि क्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करने और अपनी सीमाओं से अवगत कराने की एक ईरानी पहल है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान की शर्तों को पाकिस्तान तक पहुँचाना इस यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है,

क्योंकि पाकिस्तान इस समय तेहरान और वाशिंगटन के बीच एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अरागची ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सहित शीर्ष नेतृत्व से मुलाक़ात की है ताकि वार्ता को पुनर्जीवित करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके।

यह कूटनीतिक प्रयास 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद शुरू हुए गंभीर संकट की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं। उन हमलों के जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कई पड़ोसी देशों पर मिसाइल हमले किए थे। 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक अस्थाई युद्धविराम की घोषणा की गई थी, जिसे बाद में विस्तारित किया गया। हालांकि, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और परमाणु संवर्धन जैसे मुद्दों पर दोनों पक्ष अब भी कड़े रुख अपनाए हुए हैं।

अरागची ने इस्लामाबाद से ही अपने सऊदी और कतरी समकक्षों के साथ फोन पर बातचीत की है ताकि युद्धविराम की स्थिति और चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की जा सके। ओमान लंबे समय से तेहरान और वाशिंगटन के बीच बैक-चैनल वार्ता का केंद्र रहा है, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान इस जटिल मध्यस्थता के केंद्र में उभरकर सामने आया है। आने वाले दिनों में अरागची के रूस जाने की भी संभावना है, जो इस कूटनीतिक मिशन के अगले चरण को दर्शाता है।