Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal News: बावड़िया कलां में नाले पर अवैध निर्माण ढहाने का आदेश, NGT ने कलेक्टर को दिया 3 महीने का... Dewas News: देवास की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 श्रमिकों की मौत, 23 से ज्यादा गंभीर घायल Shivpuri News: शिवपुरी में बुजुर्ग ने जिंदा रहते हुए ही की अपनी 'तेरहवीं' की तैयारी, कार्ड देख हैरान... Virat Kohli Century: "एक दिन सब खत्म हो जाएगा..." केकेआर को हराने के बाद क्यों भावुक हुए विराट? Peddi Movie Update: राम चरण की 'पेड्डी' का बड़ा धमाका, KGF मेकर्स संभालेंगे ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन North Korea Retirement Age: नॉर्थ कोरिया ने बढ़ाई रिटायरमेंट की उम्र, बुजुर्ग होती आबादी के बीच किम ... IPL 2026 Ticket Fraud: आईपीएल टिकट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 600 फर्जी साइट्स एक्टिव Google Gemini Intelligence: स्मार्टफोन चलाने का तरीका बदल देगा गूगल का नया AI सिस्टम, जानें फीचर्स गुरु बृहस्पति को मजबूत करने के तरीके: शादी में देरी और धन की कमी दूर करेंगे ये 5 ज्योतिषीय उपाय Gym Mistake: वीकेंड पार्टी के बाद मंडे वर्कआउट बन सकता है जानलेवा, हार्ट अटैक का बढ़ता है खतरा

बंगाल के घरों में नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर

जनता के विरोध के बाद ममता सरकार ने लिया फैसला

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर आम आदमी के हित में अहम फैसला लिया है। पिछले कुछ दिनों से घरों में आधुनिक तकनीक वाले स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर कई जिलों से विरोध की खबरें आ रही हैं। कैबिनेट की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। खुद बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने मुख्यमंत्री को इस बारे में विस्तार से जानकारी दी थी।

उसके बाद सोमवार को घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया। राज्य के बिजली विभाग ने एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी। हालांकि राज्य बिजली वितरण निगम ने पिछले कुछ महीनों में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, सरकारी कार्यालयों और दूरसंचार टावरों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक स्मार्ट मीटर लगाए हैं।

बिजली विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर दिल्ली और मुंबई जैसे कई महानगरों की तरह हर जगह ये आधुनिक तकनीक वाले मीटर लगाए जाएं तो बिजली की लागत काफी कम और नियंत्रण में होगी। दरअसल, इसी वजह से राज्य बिजली विभाग प्रायोगिक तौर पर राज्य के तीन-चार जिलों के घरों में स्मार्ट मीटर भी लगा रहा है।

लेकिन कई इलाकों में इन मीटरों को लेकर विभिन्न शिकायतें मिलने के कारण बिजली वितरण निगम ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर कहा कि आवश्यक कदम उठाने के लिए घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम फिलहाल रोक दिया गया है। बिजली विशेषज्ञों ने स्मार्ट मीटर लगने से राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाले अतिरिक्त लाभ के बारे में विभिन्न जानकारी दी है।

विशेषज्ञों ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल करना प्रीपेड मोबाइल फोन को रिचार्ज करने जैसा है। बिजली विभाग के अनुसार साधारण मीटर में अब तक जो सिक्योरिटी डिपॉजिट होता था, उसका इस्तेमाल स्मार्ट मीटर में भी शुरू से किया जा सकेगा। वहीं बिजली वितरण निगम के आला इंजीनियरों ने इस बात की पुष्टि की है कि प्रीपेड पैसे खत्म होने पर बिजली सेवा तुरंत बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट मीटर के ग्राहक 300 रुपया तक अधिक बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि स्मार्ट मीटर से बिल अधिक आएगा, वे झूठी हैं और वैज्ञानिक आधार पर आधारित नहीं हैं, ऐसा बिजली विशेषज्ञों का दावा है।