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फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे मोहम्मद युनूस

शेख हसीना की वापसी के भय से सारे विरोधी एकजुट

राष्ट्रीय खबर

ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने इस्तीफे की अटकलों पर विराम लगा दिया है। आज दोपहर मुहम्मद यूनुस ने अचानक अपनी सरकार की सलाहकार परिषद के साथ बैठक की। उस बैठक के बाद, बांग्लादेश सरकार के योजना सलाहकार वहीदुद्दीन महमूद ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि मुहम्मद यूनुस इस्तीफा देंगे।

योजना सलाहकार महमूद ने कहा, मुख्य सलाहकार हमारे साथ रहेंगे। उन्होंने यह नहीं कहा कि वह इस्तीफा देंगे। अन्य सलाहकार भी यहीं रह रहे हैं। हम सभी अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाने आए हैं। पिछले कुछ दिनों से ऐसी अफवाहें चल रही हैं कि मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देना चाहते हैं। विभिन्न मीडिया संस्थानों में तो यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि वह किसी भी समय इस्तीफा दे सकते हैं।

यहां तक ​​चर्चा थी कि यूनुस इस्तीफा देकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरह विदेश में शरण ले सकते हैं। अंतरिम सरकार को देश के सेना प्रमुख का चुनाव करने के लिए समय सीमा दिए जाने के बाद यूनुस के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गईं। बांग्लादेश की सेना यूनुस सरकार द्वारा प्रस्तावित रोहिंग्या गलियारे का भी विरोध कर रही है।

इस कॉरिडोर को लेकर देश के भीतर आलोचना भी शुरू हो गई है। उनके आलोचकों ने दावा किया कि यूनुस, जो कि घिरे हुए थे, जवाबी दबाव बनाने के लिए इस्तीफा देने की धमकी दे रहे थे। अंततः यह धारणा सत्य साबित हुई। फिलहाल बांग्लादेश की जिम्मेदारी यूनुस के हाथों में है। दूसरी तरफ वहां की तमाम अन्य पार्टियां यह सोचकर ही परेशान हैं कि अगर दोबारा शेख हसीना वापस आयी तो उनका क्या होगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, यूनुस खुद कम से कम पांच साल तक सत्ता में बने रहने के इच्छुक हैं। उन्होंने अपने समर्थकों के माध्यम से रणनीतिक रूप से यह प्रयास शुरू भी कर दिया है। सूत्रों के अनुसार नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस ने जवाबी दबाव की रणनीति अपनाई है। उनके समर्थकों ने भी चुनावों के विरोध में राजधानी ढाका में मार्च निकालना शुरू कर दिया है।

पहले सुधार और बाद में चुनाव की मांग वाले पोस्टर भी ढाका में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं। पिछले वर्ष अगस्त में शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख का पद संभाला था। इस अंतरिम सरकार को अगले चुनाव तक सत्ता में बने रहना था। सूत्रों के अनुसार, यूनुस अब चुनाव से बचकर पांच साल तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं।