Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झारखंड में 'येलो अलर्ट'! रांची समेत 16 जिलों में आज होगी झमाझम बारिश; 50 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, ... Jharkhand High Court News: ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की जांच अब CBI के पास, हाईकोर्ट ने सुनाय... विधानसभा में 'जय श्रीराम' पर घमासान! इरफान अंसारी का विपक्ष पर तंज—"नारेबाजी नहीं, सिलेंडर और महंगाई... Jharkhand News: साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, फिटनेस और पर्यावरण को ले... धनबाद में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसा मंजर! कोयला ट्रांसपोर्टिंग को लेकर खूनी खेल; फायरिंग और पत्थरबाजी... देवघर में 'गैस' का संकट! होटलों और ढाबों से गायब हुए कमर्शियल सिलेंडर; बाबा नगरी में सप्लाई ठप होने ... Bokaro News: बोकारो में दो गुटों में हिंसक झड़प, कार में लगाई आग; पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, स्थिति ... CBSE स्कूलों में अब गूंजेगी मातृभाषा! जनजातीय भाषाओं को कोर्स में शामिल करने की बड़ी तैयारी; जानें ब... हवाई सफर पर 'महंगाई' की मार! रांची से दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरु जाना हुआ 35% महंगा; टिकट बुक करने से ... IIT-ISM के छात्रों का सिनेमाई धमाका! रिलीज हुई फिल्म ‘नुक्कड़ नाटक’; धनबाद के कलाकारों ने पर्दे पर उ...

भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा चरण हिंदी पट्टी से

भारत जोड़ो यात्रा फिर से अपने मूल लक्ष्य की तरफ बढ़ने लगेगी। इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए यह यात्रा हरियाणा में दोबारा प्रवेश करेगी। उसके बाद पंजाब होते हुए जम्मू कश्मीर की तरफ बढ़ेगी। इस भारत जोड़ो यात्रा का अगला फेज 3 जनवरी 2023 से शुरू होने वाला है जिसके लिए कांग्रेस की ओर से तैयारियां की जा रही है।

दिल्ली में विराम के बाद 3 जनवरी से फिर से भारत जोड़ो यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा विराम के बाद उत्तर प्रदेश से प्रारंभ होगी। जिसके बाद हरियाणा पहुंचेगी और उसके बाद पंजाब से और आखिर में जम्मू कश्मीर में पहुंचेगी। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा उत्तर प्रदेश के 3 जिलों से गुजरेगी।

भारत जोड़ो यात्रा में तमाम विपक्षी दलों को अपने साथ जोड़कर कांग्रेस सरकार उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बड़ा संदेश देगी। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक गाजियाबाद के लोनी में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पहुंचेगी। यात्रा में शामिल होने के लिए कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजा है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में उत्तर प्रदेश के सपा प्रमुख अखिलेश यादव को, बसपा अध्यक्ष मायावती, आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी और कई विपक्षी दलों को यात्रा में शामिल होने के लिए निमंत्रित किया गया है। क्योंकि कांग्रेस का उद्देश्य भारत को जोड़ना है।

इनमें से अखिलेश ने यात्रा में शामिल नहीं होने का एलान कर दिया है और समझा जाता है कि अपने कारणों से मायावती भी इससे दूरी बनाकर चलेंगी। वैसे कांग्रेस ने अपने पूर्व के अनुभवों का लाभ उठाकर इस यात्रा में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों की सूची को सार्वजनिक करना बंद कर रखा है।

कांग्रेस की शिकायत है कि इसकी सूचना देने पर संबंधित लोगों पर भाजपा शासित राज्यों की सरकारें और पुलिस दबाव बनाती हैं। समझा जाता है कि यात्रा के इस चरण में भी सेना के बड़े अवसर, इंटरनेशनल खिलाड़ी, हरियाणवी फिल्म जगत की हस्तियां और कुछ ऐसी स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग भी शामिल होंगे जिन्होंने पूरे देश में अपने काम के बल पर अलग पहचान बनाई है।

कांग्रेस इस सूची को गोपनीय बनाकर चल रही है क्योंकि उसे डर है कि अगर लिस्ट सार्वजनिक हो गई तो इनलोगों पर सरकार यात्रा में शामिल ना होने के लिए दबाव बना सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी 9 और 10 जनवरी को कुरुक्षेत्र रहेंगे। अगले दिन 11 जनवरी को भारत जोड़ो यात्रा अंबाला सिटी से होते हुए शाम को शंभु बॉर्डर पर समाप्त होगी।

12 दिसंबर की सुबह राहुल गांधी पंजाब के लिए रवाना होंगे। इस यात्रा को आयोजित करने वाले समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया है कि पदयात्रा 150 दिन यानी 5 महीने में दक्षिण में कन्याकुमारी से लेकर उत्तर में कश्मीर तक 3570 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। जो 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी।

भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ 100 नेता शुरू से लेकर आखिरी तक पदयात्रा में उनके साथ रहेंगे। जिनकी सूची कांग्रेस सरकार द्वारा तैयार कर ली गई है‌। कांग्रेस के मुताबिक इस यात्रा में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं समान विचारधारा के लोग शामिल हो सकते हैं।

वैसे इस यात्रा में भारत जोड़ो यात्री वे लोग हैं जो शुरु से अंत तक राहुल गांधी के साथ साथ चलेंगे। इसके अलावा प्रदेश यात्री भी हैं जो जिन प्रदेशों से यह यात्रा निकलकर गुजरेगी वहां से 100-100 लोग इसमें शामिल होंगे। जहां से यह यात्रा नहीं गुजर रही है वहा के सौ सौ लोगों क जत्था भी इसमें समय समय पर शामिल होगा, जिन्हें अतिथि यात्री कहा जा रहा है।

वैसे कांग्रेस द्वारा सुरक्षा में सेंधमारी के सवाल पर कई पूर्व पुलिस अधिकारियों ने वाकई लापरवाही बरते जाने वाला बयान देकर भाजपा को संकट में डाल रखा है। यूपी के पूर्व डीजीपी ने एक टीवी चैनल से बात चीत करते हुए कहा कि आम तौर पर वीआईपी के चारों तरफ जो दो नजदीकी घेरे होते हैं, उनमें बाहरी घेरा राज्य पुलिस का अथवा सीआरपी का होता है।

हरियाणा की सीमा से दिल्ली में राहुल गांधी के चलने के दौरान वीडियो में यह घेरा नदारत दिख रहा है। इसे साफ साफ देखा जा सकता है। ऐसे बयान के बाद हरियाणा में राहुल गांधी के शिविर में खुफिया अफसरों के प्रवेश पर हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की तरफ से एक लेटर मिला है।

वे मामले की जांच करा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने यात्रा का रूट प्लान मांगा है। दूसरे चरण में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इस संदर्भ में उन्होंने अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिए हैं। कुल मिलाकर यह स्पष्ट हो गया है कि अब राहुल गांधी अथवा कांग्रेस द्वारा उठाये जा रहे मुद्दों पर यूं ही नजरअंदाज करने का समय बीत चुका है।