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चार मई की मत गणना के लिए अतिरिक्त अफसर तैनात

चुनाव आयोग ने अतिरिक्त पर्यवेक्षक भेजे

  • पहली बार पुलिस ऑबर्जबर भी लगाये

  • मतगणना हॉल में तैनात रहेंगे सभी लोग

  • पुलिस पर्यवेक्षक हॉल के अंदर नहीं होंगे

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की घोषणा से ठीक पहले सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने राज्य में 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात करने का निर्णय लिया है।  यह कदम 4 मई को होने वाली मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोग ने यह नियुक्तियाँ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20B के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए की हैं।

अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक उन 165 निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे जहाँ एक से अधिक मतगणना हॉल बनाए गए हैं। इनका मुख्य कार्य मुख्य मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता करना और गणना की सटीकता सुनिश्चित करना होगा।  बंगाल के चुनावी इतिहास में संभवतः पहली बार, आयोग ने विशेष रूप से 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। ये अधिकारी मतगणना केंद्रों के बाहर कानून-व्यवस्था और त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मतगणना के दिन कोई भी पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी परिस्थिति में काउंटिंग हॉल के भीतर प्रवेश नहीं करेगा। उनका कार्य केवल केंद्र के बाहरी परिसर में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

इसके अतिरिक्त, आयोग ने तकनीकी सुरक्षा पर भी जोर दिया है। मतगणना केंद्रों में प्रवेश केवल क्यूआर कोड युक्त फोटो पहचान पत्र के आधार पर ही मिलेगा। यह नियम उम्मीदवारों, उनके एजेंटों और मतगणना कर्मियों, सभी पर समान रूप से लागू होगा।  हर टेबल पर केंद्र सरकार के एक माइक्रो-ऑब्जर्वर की तैनाती होगी, जो स्वतंत्र रूप से परिणामों को नोट करेंगे और राउंड के अंत में क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए मतदान दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में संपन्न हुआ था। अब 4 मई को सुबह 8 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी, जिसके लिए प्रशासन ने राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।