सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट रुख के बाद फिर से याचिका दायर
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अब तक आरोप ही तय नहीं हुए
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सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जतायी थी
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चार जुलाई को होगी इस पर सुनवाई
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दिल्ली दंगों के साजिश मामले में आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम ने एक बार फिर दिल्ली की अदालत का दरवाजा खटखटाया है और जमानत की मांग की है। यह मामला कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुमेध सेठी के समक्ष सुनवाई के लिए आया, जिन्होंने दोनों की जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तारीख तय की है।
खालिद और इमाम द्वारा यह कदम सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज करने के दौरान अपनाई गई व्याख्या पर सवाल उठाए जाने के बाद उठाया गया है। अपनी जमानत अर्जी में शरजील इमाम ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि शीर्ष अदालत द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए हुए छह महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद मुकदमे की कार्यवाही में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक आरोप तय करने पर बहस भी पूरी नहीं हो पाई है।
शरजील इमाम ने अपनी दलील में इस बात को प्रमुखता से रखा है कि वे इस मामले में पहले ही लगभग छह साल जेल में बिता चुके हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक चले ट्रायल और मामले में देरी को देखते हुए दोनों आरोपियों ने अपनी जमानत की संभावनाओं को पुख्ता करने के लिए यह कानूनी कदम उठाया है।
अदालत ने अब इस मामले को 4 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है, जहां दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा अपनी दलीलें पेश की जाएंगी। दिल्ली दंगों से जुड़ा यह मामला लंबे समय से सुर्खियों में रहा है, और अब उच्च न्यायालयों के हालिया रुख के बाद इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।