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नवंबर में हो सकते हैं पंजाब के चुनावः केजरीवाल

बठिंडा के जबर्दस्त रोडशो में मान को दोबारा जीताने की अपील

  • मेयर की जीत पर आयोजित रोड शो

  • इस राज्य को ईमानदार सीएम मिला है

  • तीनों विरोधी दलों को नामकरण भी किया

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः बठिंडा में आयोजित एक रोडशो के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा दावा किया है कि पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव फरवरी के बजाय नवंबर 2026 में हो सकते हैं। उन्होंने बठिंडा निवासियों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को फिर से भारी बहुमत के साथ सत्ता में लाएं।

यह रोडशो गुरुवार को बठिंडा नगर निगम के मेयर पद पर पदमजीत सिंह मेहता की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। केजरीवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार के आने के बाद जनमानस में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने पिछली सरकारों, विशेषकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले लोग सत्ताधारी नेताओं से इतने नाराज थे कि उन पर जूते फेंकने को तैयार रहते थे, लेकिन अब लोगों के चेहरे पर संतुष्टि दिखती है।

केजरीवाल ने भगवंत मान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पंजाब को 75 साल में पहली बार ऐसा ईमानदार मुख्यमंत्री मिला है। उन्होंने चुनौती दी कि पिछले चार वर्षों में मान पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा, अगर कुछ गलत हुआ होता, तो केंद्रीय एजेंसियां उनके यहां छापेमारी कर रही होतीं। क्या मोदी उन्हें छोड़ते? उन्होंने यह भी दावा किया कि मान के परिवार या मंत्रियों पर भी कोई भ्रष्टाचार का दाग नहीं है।

विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए केजरीवाल ने विभिन्न पार्टियों को अलग-अलग उपनाम दिए। उन्होंने एक पार्टी को चिट्ठा पार्टी (नशे के लिए), दूसरी को झगड़ा पार्टी (आंतरिक कलह के लिए) और तीसरी को ईडी पार्टी करार दिया।

मुख्यमंत्री मान का आश्वासन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि रोडशो में उमड़ी भीड़ उनकी सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और सिंचाई क्षेत्र में किए गए कार्यों का प्रमाण है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि धान की बुवाई के मौसम में पानी की कोई कमी नहीं होगी और भाखड़ा बांध में जल स्तर औसत से 16 फीट ऊपर है।

इस कार्यक्रम के दौरान पार्टी के भीतर की खटपट भी सामने आई। बठिंडा शहरी विधायक जगरूप सिंह गिल इस रोडशो से दूर रहे। गिल ने दावा किया कि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था और उन्होंने मेयर चुनाव के दौरान भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी। बठिंडा को पारंपरिक रूप से शिरोमणि अकाली दल का गढ़ माना जाता है, इसलिए आप नेताओं का यह शक्ति प्रदर्शन राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।