नागपुर से कांग्रेस प्रत्याशी वंजारी की जीत
भाजपा के दो दिग्गज प्रचार में थे
तीन हजार से अधिक मतों से जीत
फडणवीस और गडकरी पर सवाल उठे
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) की नागपुर विभाग स्नातक सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने लगातार दूसरी बार ऐतिहासिक और शानदार जीत दर्ज की है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय और भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस उम्मीदवार एडवोकेट अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने कड़ी और लंबी मतगणना प्रक्रिया के बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया।
यह चुनावी परिणाम राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नागपुर शहर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और यह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का संसदीय क्षेत्र भी है। इसके अलावा, आरएसएस का मुख्यालय यहीं स्थित होने के कारण इस इलाके को भाजपा और संघ परिवार का अजेय राजनीतिक किला माना जाता रहा है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने चार राज्यों—कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र—की कुल 28 सीटों पर हुए विधान परिषद चुनावों में अपना पहला खाता भी सफलतापूर्वक खोल लिया है। इसके अलावा बनारस की सीट पर भी भाजपा के प्रत्याशी की हार हुई है।
वकील और शिक्षाविद अभिजीत वंजारी ने इससे पहले 2020 में भी नागपुर स्नातक सीट से चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। इस बार वे महाविकास अघाड़ी गठबंधन—जिसमें कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं—के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। वंजारी की इस लगातार दूसरी जीत ने नागपुर स्नातक क्षेत्र में महाविकास अघाड़ी की पकड़ को और अधिक मजबूत कर दिया है।
परिणामों की घोषणा के बाद मानकापुर इंडोर स्टेडियम में बने मतगणना केंद्र के बाहर भारी राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। जीत की खबर आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद कुछ समय के लिए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प की स्थिति बन गई। हालाँकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अभिजीत वंजारी ने कहा कि भाजपा ने इस चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत और शीर्ष नेताओं को नागपुर में झोंक दिया था, लेकिन क्षेत्र के प्रबुद्ध मतदाताओं ने विकास और सत्य का साथ देते हुए कांग्रेस के पक्ष में अपना जनमत दिया।