एक छोटी सी लेजर किरण यह काम करेगी
चुंबकीय क्षेत्र में नया उपाय किया
लेजर किरण को बहुत छोटा किया
इससे आगे का शोध अभी चल रहा है
राष्ट्रीय खबर
रांचीः वैज्ञानिकों ने प्रकाश का उपयोग करके चुंबकत्व (मैग्नेटिज्म) को नियंत्रित करने का एक नया तरीका विकसित किया है। यह सफलता भविष्य में डिजिटल डेटा भंडारण (डेटा स्टोरेज) को अधिक तेज़, कॉम्पैक्ट और ऊर्जा-कुशल बना सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो (यूसी सैन डिएगो) के इंजीनियरों द्वारा किया गया यह शोध नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। आधुनिक हार्ड ड्राइव डेटा को 1 और 0 के रूप में कोड करने के लिए छोटे चुंबकीय क्षेत्रों पर निर्भर करती हैं। नए डेटा को लिखने के लिए चुंबकीय क्षेत्र में बदलाव करना पड़ता है, जिसमें अधिक ऊर्जा खर्च होती है और गति की सीमा तय हो जाती है।
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यूसी सैन डिएगो की टीम ने प्रकाश के माध्यम से इन चुंबकीय स्थितियों को बदलने की ऑप्टिकल स्विचिंग तकनीक का प्रदर्शन किया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में 1,000 गुना से अधिक गति हासिल कर सकती है।
इसे संभव बनाने के लिए इंजीनियरों ने एक विशेष अल्ट्राफास्ट लेजर का उपयोग किया और उसकी किरण के आकार को अत्यधिक छोटा कर दिया। प्रकाश पर ऐसा सटीक नियंत्रण सीमित स्थान में अधिक जानकारी संग्रहीत करना संभव बनाएगा। यूसी सैन डिएगो के प्रोफेसर अब्दौले नदाओ के अनुसार, लेजर किरण का आकार जितना छोटा होगा, ऑप्टिकल मेमोरी उतनी ही छोटी और सघन होगी।
अब तक ऑप्टिकल स्विचिंग में दो बड़ी सीमाएं थीं—यह केवल तीन परतों वाले अत्यंत पतले चुंबकीय ढांचे पर काम करती थी और इसके लिए प्रकाश के एक विशेष ध्रुवीकरण की आवश्यकता होती थी। प्रोफेसर नदाओ और उनके साथी मुहम्मद वलीद खालिद ने लेजर बीम के आकार को घटाकर और नया रूप देकर इन दोनों बाधाओं को पार कर लिया। उन्होंने प्लेटिनम और कोबाल्ट की नौ परतों वाले मोटे चुंबकीय ढांचे पर इसका सफल परीक्षण किया, जिसमें किसी विशेष ध्रुवीकरण की आवश्यकता नहीं पड़ी।
यह तकनीक लेजर ऊर्जा को अत्यंत सूक्ष्म क्षेत्र में केंद्रित करके काम करती है। शुरुआती पल्स सामग्री के एक छोटे क्षेत्र को गर्म करके चुंबकीय दिशा को बदलती हैं, और बाद की पल्स उस बदलाव को स्थिर कर देती हैं। शुरुआत में यह असामान्य परिणाम वैज्ञानिकों को हैरान करने वाला लगा, लेकिन व्यापक परीक्षणों के बाद इसकी पुष्टि हुई। यह सफलता प्रकाश (ऑप्टिक्स) और चुंबकीय सामग्री विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास से मिली है।
हालाँकि आम इलेक्ट्रॉनिक्स में इसके उपयोग से पहले तकनीकी चुनौतियाँ बाकी हैं, जैसे कि अल्ट्राफास्ट लेजर को कंप्यूटर चिप्स में एकीकृत करना। वैज्ञानिक अब इसे और छोटे पैमाने (कुछ सौ नैनोमीटर) पर लाने और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के अनुकूल बनाने पर काम कर रहे हैं। यदि यह सफल होता है, तो यह अत्यधिक तेज़ और उच्च घनत्व वाली अगली पीढ़ी की मेमोरी का मार्ग प्रशस्त करेगा।