तट से टकराने के बाद धीरे धीरे कमजोर हो रहा चक्रवात
दो लोग करंट लगने से मर गये
हजारों लोगों ने सुरक्षित हटाया गया
राहत और बचाव अभियान अभी जारी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णव बुधवार की सुबह नरसपुर से लगभग 20 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में आंध्र प्रदेश और यनाम तटों से होकर गुजरा। इसके बाद यह बेहद भीषण चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। सुबह 8.30 बजे तक लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई है। भीमावरम में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं विशाखापट्टनम और अनाकापल्ली जिलों में दो अन्य लोगों की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। एनडीआरएफ के मुताबिक, करीब 57,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। पत्र के अनुसार, लगभग 70,900 हेक्टेयर में धान की फसल और 10,450 हेक्टेयर में बागवानी फसलें जलमग्न या क्षतिग्रस्त हो गई हैं, और लगभग 180 घर प्रभावित हुए हैं। विशाखापट्टनम हवाई अड्डे पर 38 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
विशाखापत्तनम के कलेक्टर अभिषिक्त किशोर ने बुधवार को बताया कि विशाखापट्टनम जिले में लगभग 80 फीसद बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि शाम तक यह कार्य पूरी तरह संपन्न हो जाएगा। शहर भर में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और क्षतिग्रस्त खंभों को ठीक करने के लिए लगभग 150 टीमें तैनात की गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित जिले की सभी सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं। कलेक्टर ने बताया कि बारिश का अनुमान अभी भी है और कमजोर खंभे व पेड़ वाहनों या लोगों पर गिर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अगले 24 से 36 घंटों तक सतर्क रहने और आपातकालीन स्थिति न होने पर बाहर न निकलने का आग्रह किया है।
खान एवं भूविज्ञान मंत्री कोल्लू रवींद्र ने बुधवार को बताया कि तेज हवाओं ने मछलीपट्टनम के आसपास पेड़ों को उखाड़ दिया और बिजली के खंभों को गिरा दिया। मछलीपट्टनम में 112 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, और पूर्णिमा के उच्च ज्वार (हाई टाइड) ने समुद्र में बारिश के पानी के बहाव को धीमा कर दिया, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया।
उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रमुख सड़कों से मलबा साफ कर दिया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बुधवार शाम तक अधिकांश प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल कर दी जाएगी और गुरुवार सुबह तक सभी प्रमुख रास्ते साफ कर दिए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर में बारिश शुरू हो गई है। कोलकाता स्थित आईएमडी (IMD) के क्षेत्रीय केंद्र के अनुसार, मिदनापुर शहर में बुधवार सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटों में लगभग 5 सेमी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण 24 परगना, पूर्व मिदनापुर, पश्चिम मिदनापुर और झाड़ग्राम जिलों में गुरुवार सुबह तक एक या दो स्थानों पर 7 से 11 सेमी की भारी बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को बांकुड़ा, पुरुलिया और पश्चिम बर्धमान में भी भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में गुरुवार और शुक्रवार को बारिश की संभावना है।