नागा विधायकों ने डिप्टी सीएम का इस्तीफा मांगा
उग्रवादी समूहों से सांठगांठ हैं उनकी
डिप्टी सीएम किपगेन पर आरोप है
छह नागा नागरिकों की हत्या का मामला
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटीः मणिपुर में एक नया गंभीर राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। राज्य के उप मुख्यमंत्री लोसी दिखो और 8 अन्य नागा विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के पति थंगबोई किपगेन की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही विधायकों ने डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन के खिलाफ भी कुकी उग्रवादी समूहों से कथित सांठगांठ के आरोप में कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
नागा विधायकों ने उन कुकी-ज़ो नेताओं पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने जून महीने में 6 नागा नागरिकों की हत्या और उनके शवों के साथ बर्बरता करने की सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी ली थी। गृह मंत्री अमित शाह को भेजे गए इस आपातकालीन पत्र में विधायकों ने चेतावनी दी कि राज्य में मानवीय त्रासदी बेहद नाजुक और विस्फोटक स्थिति में पहुंच चुकी है, जिसका प्रभाव सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ रहा है।
विधायकों के अनुसार, यदि केंद्र सरकार तुरंत निष्पक्ष, निर्णायक और कड़े कदम नहीं उठाती है, तो मणिपुर नियंत्रण से बाहर की स्थिति में धकेल दिया जाएगा। पत्र में कुकी नेशनल फ्रंट-प्रोग्रेसिव के नेता थंगबोई किपगेन की गिरफ्तारी को अत्यंत आवश्यक बताया गया है। नागा विधायकों ने आरोप लगाया कि स्वयंभू जनरल टाइगर किपगेन के नेतृत्व वाले काडरों ने 6 निर्दोष नागा नागरिकों की बेरहमी से हत्या की है।
विधायकों ने पत्र में तीखा हमला करते हुए लिखा कि जनरल टाइगर एक मनोरोगी की तरह व्यवहार कर रहा है, जिसका मुख्य तरीका निर्दोष लोगों के टुकडे़ करके उन्हें अलग-अलग स्थानों पर गुप्त रूप से दफनाना है। ऐसे व्यक्ति को सभ्य समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे कानून के तहत तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इसके अलावा, विधायकों ने आरोप लगाया कि उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन का कार्यालय उनके पति द्वारा संचालित कुकी उग्रवादी संगठन के साथ सीधे तौर पर मिलीभगत कर रहा है, जिससे जनता का सरकार की शांति प्रक्रिया पर से भरोसा पूरी तरह उठ गया है।
नागा विधायकों ने केंद्र से कुकी उग्रवादी समूहों के साथ जारी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स समझौते को तुरंत रद्द करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि समझौते के बावजूद हिंसा, हत्याएं और गांव को जलाने जैसी घटनाएं जारी हैं। विधायकों ने जून में हुई 6 नागा नागरिकों की हत्या, 27 अगस्त को आईटी रोड पर हुए घात लगाकर किए गए हमले (जिसमें 4 नागा मारे गए) और टीएम कासोम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है।