भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अचानक हिंसक हो गया।
खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने उग्र होते हुए एक बस को पलटने का प्रयास किया। दरअसल, मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद (MSP Procurement), ई-टोकन प्रणाली में सुधार तथा अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने लगातार दूसरे दिन भी अपना प्रदर्शन जारी रखा। किसानों के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास (CM House) घेराव और मार्च को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
🤝 पहले दौर की वार्ता विफल होने पर सीएम मोहन यादव का बड़ा कदम, बातचीत के लिए बनाई 4 मंत्रियों की कमेटी
इस बीच, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे किसानों से पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहम निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद स्थापित करने के लिए बुधवार को 4 सदस्यीय उच्चस्तरीय मंत्री समिति के गठन की घोषणा की। पत्रकारों को संबोधित करते हुए सीएम ने बताया कि सरकार किसानों की समस्याओं का बातचीत के जरिए सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।
🚚 रातभर नर्मदापुरम हाईवे पर डटे रहे किसान, 4 मंत्री और अधिकारी करेंगे दोबारा बातचीत
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों का विरोध प्रदर्शन रातभर जारी रहने के कारण राजधानी भोपाल के व्यस्ततम नर्मदापुरम राजमार्ग (Narmadapuram Highway) पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में यह वर्ष किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कल भी हमारे कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना को किसानों से चर्चा के लिए भेजा गया था। आज कंषाना के साथ-साथ मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग और राकेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी किसानों से दूसरे दौर की बातचीत करेंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि किसान संगठन जनहित और किसान हित में कोई न कोई रास्ता जरूर निकालेंगे।
❌ पहले दौर की वार्ता रही बेनतीजा, सावरकर सेतु पर बैरिकेडिंग कर हजारों किसानों को रोका
इससे पूर्व, मंगलवार रात सरकार द्वारा की गई पहले दौर की वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही, जिसमें किसानों को सिर्फ आश्वासन मिला लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए।
किसान पूरी रात सड़कों पर डटे रहे, जिसके कारण नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक जाम हो गया और पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। सुरक्षा की दृष्टि से मंगलवार रात मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे हजारों किसानों को वीर सावरकर सेतु के पास ही पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के स्कूलों में बुधवार सुबह की छुट्टी घोषित कर दी।
🗣️ “बीजेपी सरकार की नीतियों से किसान आक्रोशित”: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का हमला
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसान आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम से शुरू हुई ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ का भोपाल पहुंचना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि प्रदेश का अन्नदाता बीजेपी सरकार की किसान विरोधी नीतियों से गहरे आक्रोश में है। पटवारी ने कहा कि मूंग की 100% खरीदी और खाद की पर्याप्त उपलब्धता जैसी बुनियादी मांगों पर सरकार मौन धारण किए बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली बीजेपी आज अपने वादों से मुकर चुकी है।