घात लगाकर किये हमले में दो जवानों की मौत
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कांगपोकपी में ताजा हिंसा का दौर
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महिला और बच्चा घायल हो गये
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कुकी संगठन ने बंद का एलान किया
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों के बीच उग्रवाद और जातीय हिंसा की ताजा घटनाओं ने राज्य को एक बार फिर दहला दिया है। मणिपुर के उखरुल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा असम राइफल्स के काफिले पर किए गए एक बड़े हमले में दो जवान शहीद हो गए। वहीं दूसरी ओर, कांगपोकपी जिले में हुई ताजा सशस्त्र हिंसा में एक महिला और बच्चे समेत कई नागरिक घायल हो गए हैं, जिसके बाद घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उखरुल जिले में नंगशांग कोंग (लुंगशांग नदी) के पास 40 असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाकर संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया। यह आत्मघाती हमला उस समय हुआ जब जवान अपनी ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय की ओर लौट रहे थे। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और जोरदार विस्फोट किए।
इस अचानक हुए हमले में असम राइफल्स के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में गंभीर रूप से घायल दोनों कर्मियों को बेहतर हवाई चिकित्सा उपचार के लिए राज्य की राजधानी इम्फाल स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया था। लेकिन दोनों जवानों की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत उखरुल जिले के संगशक स्थित असम राइफल्स के नजदीकी शिविर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया और वे शहीद हो गए।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों को पकड़ने के लिए जंगलों में एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया है। मणिपुर के गृह मंत्री के. गोविंदास सिंह ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य में शांति और सद्भाव की बहाली को बाधित करती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा बल अपराधियों को जल्द ही कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे।
एक अन्य दुखद घटना में, मणिपुर के कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव में उग्रवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक महिला और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब ग्रामीण रविवार की नमाज के लिए स्थानीय चर्च में एकत्र हुए थे।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और गांव पर बम व विस्फोटक फेंके, जिससे चारों तरफ दहशत फैल गई। भागने से पहले हमलावरों ने गांव के कई घरों को आग के हवाले कर दिया।
इस बर्बर नागरिक हमले के विरोध में कुकी सीएसओ कार्य समिति दक्षिण पश्चिम सदर हिल्स ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने थिंगखोंगजांग गांव पर हुए हमले की तीव्र भर्त्सना करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर तत्काल प्रभाव से 24 घंटे के पूर्ण बंद की घोषणा की है। समिति ने राज्य और केंद्र सरकार से इस हमले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।