चीन की पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका पर जिनपिंग का शोक
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गुआंदु कस्बे में कल हुआ धमाका
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तीन किलोमीटर का इलाका खाली
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अब भी विस्फोट का खतरा कायम
एजेंसियां
बीजिंग: चीन के हुनान प्रांत के चांग्शा स्थित गुआंदु कस्बे में सोमवार, 4 मई 2026 को एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री में दिल दहला देने वाला विस्फोट हुआ। इस भीषण हादसे में कम से कम 21 श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि 61 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह विस्फोट शाम लगभग 4:40 बजे लियुयांग हुआशेंग फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरिंग एंड डिस्प्ले कंपनी के प्लांट में हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास के रिहायशी इलाकों की इमारतों की खिड़कियों के कांच चकनाचूर हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। वर्तमान में 500 से अधिक बचावकर्मी, दमकल विभाग की टीमें और आपातकालीन दल मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि मलबे के भीतर फंसे लोगों का पता लगाने के लिए उन्नत तकनीक वाले रोबोट्स की मदद ली जा रही है। सुरक्षा कारणों से फैक्ट्री के चारों ओर 3 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करा लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री परिसर के भीतर स्थित बारूद के दो गोदामों में अभी भी विस्फोट का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते बचाव दल बेहद सावधानी बरत रहे हैं। सेकेंडरी ब्लास्ट को रोकने के लिए पूरे इलाके में ह्यूमिडिफिकेशन (नमी बढ़ाने) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, पुलिस ने कारखाने के प्रभारी व्यक्ति के खिलाफ नियंत्रण उपाय (हिरासत) लागू किए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास करने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं ताकि जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जा सके।
हुनान प्रांत का लियुयांग क्षेत्र दुनिया भर में अपने पटाखा उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन अक्सर यहां सुरक्षा नियमों में ढिलाई के कारण ऐसे हादसे होते रहते हैं। फिलहाल पूरा गुआंदु कस्बा छावनी में तब्दील है और अस्पताल में भर्ती घायलों में से कई की स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।