इंडिया गठबंधन की मजबूती के लिए नेता प्रतिपक्ष सक्रिय
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यह क्षुद्र राजनीति का समय नहीं है
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असम में भी जनादेश को लूटा गया
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ममता और स्टालिन से फोन पर बात
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों के परिणामों ने विपक्षी खेमे में एक नई बहस छेड़ दी है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार और वहां भाजपा की बढ़ती ताकत के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं को कड़ा संदेश दिया है जो इस हार पर जश्न मना रहे हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समय आपसी प्रतिद्वंद्विता का नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने का है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर के असंतुष्ट स्वरों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि असम और पश्चिम बंगाल में जनादेश की कथित चोरी भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने लिखा, कांग्रेस और अन्य दलों के कुछ लोग टीएमसी की हार पर खुश हो रहे हैं। उन्हें यह स्पष्ट रूप से समझने की जरूरत है—असम और बंगाल के जनादेश की लूट भाजपा द्वारा भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने के मिशन का हिस्सा है। यह किसी एक पार्टी की हार-जीत का मामला नहीं है, बल्कि यह भारत के भविष्य का सवाल है।
राहुल गांधी की यह टिप्पणी उस समय आई है जब ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से 100 से अधिक सीटें लूटी हैं और आयोग को भाजपा का आयोग करार दिया। राहुल गांधी ने इन आरोपों के बीच ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से फोन पर बात कर चुनावी स्थिति पर चर्चा की। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पुष्टि की कि राहुल गांधी ने न केवल इंडिया गठबंधन के साथियों से संवाद किया, बल्कि तमिलनाडु में शानदार प्रदर्शन करने वाली पार्टी टीवीकेके अध्यक्ष विजय को भी बधाई दी।
दिलचस्प बात यह है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने टीएमसी और भाजपा दोनों के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ा था। चुनावी मैदान में प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद, राहुल गांधी का यह रुख दर्शाता है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ एक वृहद वैचारिक गठबंधन को टूटने नहीं देना चाहते। उनके इस बयान ने कांग्रेस के उन स्थानीय नेताओं को शांत करने की कोशिश की है जो राज्य स्तर पर टीएमसी की विफलता को अपनी जीत मान रहे थे। राहुल के अनुसार, विपक्षी दलों की आपसी कलह का सीधा फायदा भाजपा को मिल रहा है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही है।