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समझौता पर आगामी शुक्रवार को हस्ताक्षर होगा

अंततः मध्य पूर्व में शांति के मसले का समाधान हुआ

  • होर्मुज का संकट का स्थायी हल

  • स्विटजरलैंड में होगा यह हस्ताक्षर

  • डोनाल्ड ट्रंप ने इसका एलान कर दिया

एजेंसियां

वाशिंगटनः आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बन गई है। यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समझौते के तहत, अमेरिका ईरान पर लगी अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त करने के लिए तैयार हो गया है, साथ ही सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आवागमन के लिए पुनः खोल दिया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के माध्यम से इस सौदे को पूर्ण घोषित किया है। इस कूटनीतिक सफलता के पीछे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा निभाई गई मध्यस्थता की भूमिका को प्रमुख माना जा रहा है। समझौते की शर्तों के अनुसार, लेबनान सहित सभी युद्ध मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल प्रभाव से और स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर इजरायल की चुप्पी हैरान करने वाली है, क्योंकि वह आधिकारिक तौर पर इन वार्ता का हिस्सा नहीं था और लंबे समय से इन हमलों में शामिल रहा है।

समझौते की घोषणा होते ही वैश्विक बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। तेल आपूर्ति के सुचारू होने की उम्मीद में ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमतों में क्रमशः 4 प्रतिशत और 4.6 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कई भू-राजनीतिक विश्लेषक अभी भी सतर्क हैं, क्योंकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य अब भी अनिश्चित है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने पुष्टि की है कि अगले 60 दिनों की युद्धविराम अवधि के दौरान प्रतिबंधों से राहत और परमाणु कार्यक्रम के जटिल मुद्दों पर गहन वार्ता की जाएगी।

इस युद्ध का दंश हजारों निर्दोष लोगों ने झेला है। 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली संयुक्त बलों द्वारा ईरान पर हमले के बाद से खाड़ी क्षेत्र अशांत था। अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों ने ट्रम्प सरकार पर भारी दबाव बना रखा था। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस समझौते का स्वागत तो किया, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी परमाणु समझौते को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होगी। इसी बीच, ट्रम्प और नेतन्याहू के बढ़ते मतभेद भी चर्चा में हैं, जहाँ ट्रम्प ने उन्हें बहुत कठिन व्यक्ति करार दिया है। समझौते के मसौदे में अमेरिका द्वारा ईरान की 25 अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जो इस कूटनीतिक समाधान का एक अहम आर्थिक पहलू है।