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राहुल ने विजय और स्टालिन से की बात

करूर त्रासदी पर न्यायिक जांच के सरकारी आदेश जारी

  • बहुत अधिक भीड़ आने से भगदड़ मची

  • अब तक चालीस लोगों के मरने की खबर

  • देर की वजह से भी रैली में भीड़ बढ़ती गयी

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः तमिलनाडु के करूर शहर में हाल ही में हुई भयावह भगदड़ की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक राजनीतिक रैली के दौरान मची इस भगदड़ में मरने वालों का आधिकारिक आँकड़ा अब 41 तक पहुँच गया है, जबकि लगभग 100 लोग घायल हुए हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सबसे पहले अभिनेता-नेता विजय से फोन पर बात की और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से भी स्थिति की पूरी जानकारी ली।

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सबसे पहले अभिनेता विजय को फोन किया, जिनकी रैली के दौरान ही यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी थी। राहुल गांधी ने इस त्रासदी में जान गंवाने वाले विजय के प्रशंसकों और समर्थकों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और श्रद्धांजलि व्यक्त की, जो एक जननेता के रूप में उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

इस दुःखद बातचीत के बाद, नेता प्रतिपक्ष ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से संपर्क साधा। उन्होंने सीएम स्टालिन से भगदड़ के बाद की वर्तमान स्थिति, घायलों के उपचार और राहत कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। यह कदम दर्शाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के नेता होने के नाते, उन्होंने इस गंभीर आपदा पर तत्काल ध्यान दिया है और राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की निगरानी की है।

यह दर्दनाक हादसा शनिवार देर शाम करूर में उस समय हुआ, जब अभिनेता विजय की राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह रैली अपने निर्धारित समय से लगभग सात घंटे की देरी से शुरू हुई थी। इस अप्रत्याशित देरी के कारण, लोगों का जमावड़ा लगातार बढ़ता गया।

आयोजकों द्वारा रैली स्थल की क्षमता केवल 10,000 व्यक्तियों के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन अनुमानित तौर पर वहाँ 30,000 के करीब लोग इकट्ठा हो गए थे। जब अभिनेता विजय मंच पर भाषण दे रहे थे, तो भारी भीड़ और कुप्रबंधन के कारण अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ शुरू हो गई। प्रारंभिक जानकारी में 39 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जिसमें बाद में एक और व्यक्ति के दम तोड़ने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई। यह घटना भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में बड़ी चूक की ओर इशारा करती है।

इस बड़ी त्रासदी के सामने आने के बाद, केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके।

वहीं, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस अरूणा जगदीसन की अध्यक्षता में एक जाँच पैनल का गठन किया है। यह उच्च-स्तरीय पैनल भगदड़ के सभी पहलुओं की गहन और विस्तृत जाँच करके जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इस जाँच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राहुल गांधी का यह हस्तक्षेप एक संवेदनशील समय पर आया है, जो विपक्ष के नेता के तौर पर आपदा की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता और राज्य सरकार के साथ संवाद बनाए रखने के उनके प्रयास को दर्शाता है।